जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान स्वच्छता एवं प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर रहेगी निगरानी,प्रसाद वितरण स्टॉल संचालकों से निगम आयुक्त की अपील
उदयपुर। भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा के अवसर पर नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने शहर में स्वच्छता बनाए रखने तथा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण रोक को लेकर शहरवासियों से अपील जारी की हैं। निगम आयुक्त ने रथयात्रा मार्ग पर प्रसाद वितरण करने वाले सभी धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं स्टॉल/काउंटर संचालकों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि 16 जुलाई 2026 को निकलने वाली भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। विगत वर्षों में प्रसाद वितरण के दौरान प्लास्टिक के कप, गिलास, प्लेट, चम्मच एवं सिंगल यूज प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग तथा इनके सड़क पर फेंके जाने से स्वच्छता एवं पर्यावरण प्रभावित होते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष विशेष निगरानी एवं प्रभावी व्यवस्था की जाएगी। निगम ने सभी प्रसाद वितरण स्टॉल संचालकों से आग्रह किया है कि वे प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री का किसी भी परिस्थिति में उपयोग नहीं करें तथा इसके स्थान पर पत्तों के दोने, कागज अथवा कम्पोस्टेबल सामग्री से बने कप, गिलास एवं प्लेट का उपयोग करें। प्रत्येक स्टॉल पर पर्याप्त क्षमता वाले डस्टबिन अथवा कम से कम 200 लीटर क्षमता के कचरा संग्रहण बैग रखना अनिवार्य होगा। साथ ही श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया गया कि प्रसाद ग्रहण करने के बाद उपयोग की गई सामग्री निर्धारित कचरा पात्र में ही डालें और सड़क पर कचरा न फैलाएं। जिससे शहर की सुंदरता में कोई दाग नहीं लगे। निगम आयुक्त ने आमजन एवं श्रद्धालुओं से भी निगम द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील करते हुए कहा है कि स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। धार्मिक आयोजनों में स्वच्छता बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सभी स्टॉल की होगी फोटोग्राफी
नगर निगम द्वारा रथयात्रा मार्ग पर लगाए जाने वाले सभी प्रसाद वितरण स्टॉलों की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराई जाएगी। यदि किसी भी स्टॉल पर प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री का उपयोग पाया गया तो संबंधित सामग्री जब्त कर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम एवं राजस्थान सरकार के प्रावधानों के तहत सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। निगम ने सभी आयोजकों एवं श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए रथयात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने का आह्वान किया है।