यू डी टैक्स को लेकर उदयपुर में 11 स्थानों पर हुई सीज की कार्यवाही
उदयपुर। नगरीय विकास कर को लेकर निगम ने शनिवार को एक बार फिर अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए 11 संपत्तियों की सीज किया है। सीज के बाद निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट किया है कि निगम, नगरीय विकास कर को लेकर किसी भी प्रकार से कोई रियायत नहीं करेगा। आयुक्त ने शहर वासियों से अपील करते हुए कहा है कि राज्य सरकार द्वारा 31 मार्च तक विशेष छूट का प्रावधान किया गया है जिसका लाभ लेते हुए शहरवासी अपना नगरीय विकास कर जमा कराए ओर शहर के विकास में अपनी भागीदारी देवे।
आयुक्त अभिषेक खन्ना के अनुसार शनिवार को बापू बाज़ार स्थित मोहनलाल भंसाली की संपत्ति भारत ऑप्टिकल बिल्डिंग जिसका नगरीय विकास कर कुल 5,97,776/- बकाया था जिसे सीज किया गया। परशुराम चौराहा, सेंट्रल एरिया स्थित मीना जैन की संपत्ति एकमे बिल्ड ई-स्टेट लिमिटेड जिसका नगरीय विकास कर कुल 5,73,449/- रूपये बकाया था जिसे भी सीज किया गया। सेक्टर-14 मेन रोड, गोवर्धन विलास, स्थित जी.पी.के. सुपर मार्केट प्राइवेट लिमिटेड संपत्ति जिसका कुल 5,36,540 /- रुपया नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था उसको भी सीज किया गया। नेहरु बाज़ार मेन रोड स्थित मोहनलाल बापना की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 3,61,771/- बकाया था जिसे सीज किया गया। बापू बाज़ार मेन रोड, खादी भंडार के पास मूलचंद तलरेजा की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 3,32,174/- बकाया था जिसे भी सीज किया गया। राम सिंह जी की बाड़ी, सेक्टर-11 स्थित पुष्कर की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 3,31,051/- बकाया था जिसे भी सीज किया गया। बापू बाज़ार मेन रोड स्थित किरण सिंह चौधरी की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 3,23,260/-बकाया था जिसे भी सीज किया गया। हाथीपोल मार्ग, अश्विनी बाज़ार स्थित नरेन्द्र बथवी की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 3,07,558/- बकाया था जिसे भी सीज किया गया। बापू बाज़ार मेन रोड के एंड आर टेलर की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 2,66,871/- बकाया था जिसे भी सीज किया गया।पंचमुखी रेस्टोरेंट, भाग्यश्री कलेक्शन, बी.एस.एन.एल. रोड, रूप नगर, सेक्टर-3 राजवीर की संपत्ति जिसका नगरीय विकास कर कुल 2,09,332/- बकाया था जिसे भी सीज किया गया। बापू बाज़ार मेन रोड स्थिति चंद्र प्रकाश पाहुजा, तुलसीराम की संपत्ति चंद्रा लैंडमार्क जिसका नगरीय विकास कर कुल 1,91,543/- बकाया था जिसे भी सीज किया गया। आयुक्त खन्ना के अनुसार इनके द्वारा नगरीय विकास कर की राशि जमा नहीं कराने से नगर निगम द्वारा इन व्यावसायिक सम्पतियों पर ताला लगा इनकी व्यावसायिक गतिविधियाँ बन्द करा दी गई। संबंधित फर्मों द्वारा टैक्स बकाया रहने के लिए कोई संतोषप्रद कारण भी नही बताया गया। फर्म से कुल बकाया का नोटिस भी तामिल करवाया जा चुका था। सभी कार्यवाही पूरी करने के उपरांत निगम ने कार्यवाही करते हुए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा की उपबंधो के अधिन यू डी टैक्स की वसूली की पूर्ती हेतु चार संपतियो को सीज करने की कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान राजस्व निरीक्षक मोहित अग्निहोत्री, विजय जैन और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
सुबह संपत्ति सीज दिन में करवाया कर जमा
नगरीय विकास कर को लेकर शनिवार को सवेरे बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर की 11 संपत्तियों को सीज किया गया। सीज करने के पश्चात कई संपत्ति मालिकों ने निगम आकर अपनी राशि जमा करवाई।
लगातार जारी रहेगी कार्यवाही
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने पुनः स्पष्ट किया है कि शहर में सभी प्रतिष्ठान मालिक जिनको नगर निगम द्वारा नगरीय विकास कर जमा करवाने के नोटिस मिल चुके हैं वह निगम कार्यालय में पहुंचकर अपना यूडी टैक्स जमा करवाकर शहर के विकास में अपना सहयोग करें। यदि इसके उपरांत भी नगरीय विकास कर नहीं जमा कराया जाता है तो निगम को सख्त कार्रवाई करते हुए संपत्तियों को सीज किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित फर्म मालिक की ही रहेगी।