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Udaipur / प्राकृतिक आरोग्य केन्द्र का 16 जुलाई को होगा लोकार्पण,महाराणा प्रताप की नगरी में भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं सेवा भावना को समर्पित सेवा भारती का अभिनव प्रकल्प

प्राकृतिक आरोग्य केन्द्र का 16 जुलाई को होगा लोकार्पण,महाराणा प्रताप की नगरी में भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं सेवा भावना को समर्पित सेवा भारती का अभिनव प्रकल्प
Dinesh Bhatt July 13, 2026 06:08 PM IST

प्राकृतिक आरोग्य केन्द्र का 16 जुलाई को होगा लोकार्पण,महाराणा प्रताप की नगरी में भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं सेवा भावना को समर्पित सेवा भारती का अभिनव प्रकल्प

उदयपुर, 13 जुलाई। सेवा भारती, उदयपुर के तत्वावधान में संचालित प्राकृतिक आरोग्य केन्द्र का लोकार्पण समारोह 16 जुलाई (गुरुवार) को प्रातः 10:30 बजे हरिदास जी की मगरी, सुभाष चौराहा स्थित परिसर में होगा। प्राकृतिक चिकित्सा, भारतीय स्वास्थ्य परंपरा और समाज सेवा को समर्पित इस केन्द्र का उद्देश्य आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोगों को समग्र एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

सेवा भारती चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष विवेक बोहरा ने सोमवार को चिकित्सालय परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश जोशी (भैयाजी) होंगे। मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा रहेंगे। पैसिफिक मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष एवं समाजसेवी डॉ राहुल अग्रवाल तथा धरोहर चैरिटेबल फाउंडेशन के निदेशक एवं समाजसेवी संजय सिंघल विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम में भारतीय चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक भी सहभागी होंगे।

कार्यक्रम संयोजक प्रकाश सोनी ने बताया कि चिकित्सालय में आउटडोर का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। इनडोर में 50 बैड की क्षमता का प्रावधान रखा गया है। यहां प्राकृतिक चिकित्सा के लिए भर्ती होने वालों के लिए आहार भी यहीं उपलब्ध होगा जो चिकित्सकीय देखरेख के अनुरूप होगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सका के क्षेत्र में सेवा भारती ने इस केन्द्र को राजस्थान में उत्कृष्ट श्रेणी का केन्द्र बनाने का लक्ष्य रखा है। 

प्रेसवार्ता में चिकित्सक डॉ. आशुतोष चौधरी ने बताया कि केन्द्र पर स्टीम बाथ, कपिंग थेरेपी, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर, चिकित्सकीय मालिश, स्पाइनल बाथ, सोना बाथ, शिरोधारा, कोलोन हाइड्रोथेरेपी, जूस थेरेपी, आधुनिक फिजियोथेरेपी के साथ आवश्यकता अनुसार एलोपैथी एवं दंत चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। अनुभवी चिकित्सकों के मार्गदर्शन में व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं आहार परामर्श तथा योग आधारित जीवनशैली सुधार कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

 डॉ. चेतन दाधीच ने बताया कि बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव, प्रदूषण, अनियमित दिनचर्या तथा शारीरिक निष्क्रियता के कारण जीवनशैली संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थापित प्राकृतिक आरोग्य केन्द्र में आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग, प्राणायाम, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, प्राकृतिक आहार परामर्श, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉयड, जोड़ों एवं हड्डियों की समस्याओं का प्राकृतिक प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। 

सेवा के पथ का सारथी सेवा भारती

चित्तौड़ प्रांत अध्यक्ष विवेक बोहरा ने बताया कि सेवा भारती समिति, राजस्थान आर्थिक रूप से कमजोर, सामाजिक न्याय एवं मुख्यधारा से वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्यरत एक प्रमुख स्वयंसेवी संगठन है। संस्था नगरीय झुग्गी-झोपड़ियों, अभावग्रस्त बस्तियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में कार्य कर रही है। वर्तमान में चित्तौड़ प्रांत में प्रत्यक्ष अथवा संबद्ध संस्थाओं के माध्यम से 1,610 सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें निःशुल्क शिक्षा, चिकित्सा, कौशल विकास प्रशिक्षण, महिला सशक्तीकरण तथा सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख हैं।

उन्होंने बताया कि प्रशासनिक दृष्टि से संगठन पूरे राजस्थान में सुदृढ़ संरचना के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश को तीन प्रांत इकाइयों के अंतर्गत 20 विभाग इकाइयों तथा 71 जिला इकाइयों में बांटकर संगठनात्मक ढांचे में व्यवस्थित किया गया है। इसके अतिरिक्त सात महानगरों तथा सभी खंड एवं तहसील केन्द्रों पर समितियां एवं उपसमितियां कार्यरत हैं। संभाग एवं जिलों की सभी पंजीकृत समितियां संगठन से संबद्ध हैं। नगरीय क्षेत्रों में 1,431 सेवा बस्तियों में नियमित सेवा कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम को सेवा विस्तार की इकाई के रूप में निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि सेवा भारती अपने सेवा कार्यों को चार प्रमुख आयाम शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन एवं सामाजिक समरसता के माध्यम से संचालित करती है। संगठन द्वारा बाल संस्कार केन्द्र, प्राकृतिक आरोग्य केन्द्र, सिलाई एवं कौशल विकास केन्द्र, स्वयं सहायता समूह, रोजगार प्रोत्साहन कार्यक्रम, चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर, सर्व समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन, कन्या पूजन, संस्कृति सामान्य ज्ञान परीक्षा, तुलसी पौधा वितरण, खाद्यान्न एवं वस्त्र वितरण तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्य निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।

प्रान्त अध्यक्ष ने समाज के सभी वर्गों से इस सेवा अभियान में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि प्राकृतिक आरोग्य केन्द्र केवल उपचार का केन्द्र नहीं, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में सेवा भारती का एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी प्रयास है।

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