डिजिटल सृजन का भव्य आयाम: ‘फ्यूचर फ्रेम्स’ प्रदर्शनी में युवा प्रतिभाओं की प्रभावशाली प्रस्तुति
उदयपुर। कला एवं संस्कृति के परिदृश्य में डिजिटल माध्यम की बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करती डिजिटल कला प्रदर्शनी “फ्यूचर फ्रेम्स” का भव्य शुभारंभ 12 फरवरी 2026 को पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, बागोर की हवेली में संपन्न हुआ। युवा सृजनशीलता को समर्पित इस प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. दीपक सालवी के मार्गदर्शन में किया गया, जिनके निर्देशन में सभी कलाकृतियाँ तैयार हुई हैं।
प्रदर्शनी में 13 नव-युवा कलाकारों—चेतना पलात, रिमी नागदा, दिया श्रीमाली, जाग्रति पटेल, रेणुका प्रजापत, ऊषा भील, दीपिका मेघवाल, कौमुदी लवानिया, ललिता गमेती, संजना यादव, विदिशा सालवी, ॠतु गमेती एवं भावना मीणा—की कुल 51 डिजिटल कृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। इन रचनाओं में परंपरागत कलाभिव्यक्ति और समकालीन डिजिटल तकनीक का सशक्त समन्वय देखने को मिलता है। विषय-वस्तु में सामाजिक संवेदनाएँ, सांस्कृतिक प्रतीक, नारी अभिव्यक्ति, पर्यावरण चेतना और आधुनिक जीवन की जटिलताएँ प्रमुख रूप से उभरकर सामने आई हैं।
कलाकारों ने डिजिटल पेंटिंग, ग्राफिक मैनिपुलेशन, विजुअल कम्पोज़िशन और टेक्सचर एक्सपेरिमेंटेशन जैसे तकनीकी आयामों का प्रभावी उपयोग करते हुए अपनी कल्पनाशीलता को साकार किया है। प्रदर्शनी न केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच है, बल्कि तकनीकी नवाचार और समकालीन दृष्टि का जीवंत उदाहरण भी है।
उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ कलाकार ललित शर्मा, शर्मिला राठौर, शरद भारद्वाज, सुरेश जी, चिमन डांगी एवं हेमंत मेहता सहित अनेक कला प्रेमी उपस्थित रहे। अतिथियों ने युवा कलाकारों की तकनीकी दक्षता, वैचारिक परिपक्वता और सौंदर्यबोध की सराहना करते हुए इसे डिजिटल युग की नई कला चेतना का संकेत बताया।
संयोजक डॉ. दीपक सालवी ने कहा कि “फ्यूचर फ्रेम्स” का उद्देश्य युवा कलाकारों को डिजिटल माध्यम के माध्यम से अपनी सृजनात्मक क्षमता को पहचानने और प्रस्तुत करने का अवसर देना है। यह प्रदर्शनी कला शिक्षा और तकनीक के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रदर्शनी 14 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। कला प्रेमियों के लिए यह समकालीन डिजिटल सृजन का अनूठा अनुभव सिद्ध होगी।