Breaking News

Dr Arvinder Singh Udaipur, Dr Arvinder Singh Jaipur, Dr Arvinder Singh Rajasthan, Governor Rajasthan, Arth Diagnostics, Arth Skin and Fitness, Arth Group, World Record Holder, World Record, Cosmetic Dermatologist, Clinical Cosmetology, Gold Medalist

Rajasthan / विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कार्यशाला का आयोजन- डीएलएसए मेट्रो-2, एसएमएस अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज द्वारा कार्यशाला आयोजित की गई, हार्टफुलनेस मेडिटेशन सत्र का भी आयोजन किया गया

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कार्यशाला का आयोजन-  डीएलएसए मेट्रो-2, एसएमएस अस्पताल एवं  मेडिकल कॉलेज द्वारा कार्यशाला आयोजित की गई,  हार्टफुलनेस मेडिटेशन सत्र का भी आयोजन किया गया
Dinesh Bhatt October 11, 2026 11:27 AM IST

जयपुर, 10 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वावधान में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर 2026 के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर द्वितीय, एसएमएस अस्पताल एवं एसएमएस मेडिकल कॉलेज द्वारा एस.एम.एस मेडिकल कॉलेज के कैम्पस एल.टी.-1 में कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि श्री विकास खण्डेलवाल, विशिष्ट न्यायाधीश, पोक्सो एक्ट प्रकरण क्रम 1, जयपुर महानगर द्वितीय तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. शिव गौतम, वरिष्ठ प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, मनोस्वास्थ्य संस्थान, जयपुर रहे।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए श्री विकास खण्डेलवाल ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह जानना आवश्यक है कि मानसिक स्वास्थ्य केवल देखी जा सकने वाली बीमारियों से ही संबंधित नहीं है। मानसिक बीमारियां जो किसी आधात या दुर्घटना के कारण उत्पन्न हुई है उन्हें दवा एवं काउंसलिंग आदि से आगे बढ़ने से रोकने के सार्थक प्रयास किए जा सकते है। इसके अतिरिक्त मेडिटेशन भी मानसिक बीमारियों से बचने का एक उचित उपाय है। इस क्रम में कार्यशाला में एक ‘‘हार्टफुलनेस’’ मेडिटेशन सत्र का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. शिव गौतम द्वारा मानसिक बीमारियों की मूलभूत जानकारी देते हुए बताया गया कि गर्भावस्था में ही यह निर्धारित हो जाता है कि आने वाली पीढ़ी में किसी प्रकार की कोई मानसिक अथवा शारीरिक विसंगति है अथवा नहीं। जिसे रोकने के प्रयास काफी शुरूआत में ही किए जाने आवश्यक है किन्तु मानसिक बीमारियों के संबंध में पूर्वागह आज भी हमारे समाज में काफी गहरे स्तर पर विद्यमान है। आम आदमी को किसी भी मानसिक विसंगति के बारे में समझाने तथा उसके बचाव के उपचार में देरी होने से काफी बुरे परिणाम सामने आ सकते है। डॉ. गौतम द्वारा श्री कृष्ण को विश्व का पहला मनोचिकित्सक बताते हुए यह जानकारी दी गई कि सृष्टि के प्रारंभ से ही मानव को समय-समय पर अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए परामर्श की आवश्यकता रहती है, जिसके लिए समाज को पूर्वाग्रह नहीं रखना चाहिए।

श्रीमती पल्लवी शर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय ने कार्यशाला में महिलाओं का पक्ष विशेष रूप से रखते हुए बताया कि महिलाओं में उम्र के साथ होने वाले विभिन्न परिवर्तनों के होने के कारण मानसिक दबाव झेलना पड़ता है जो कि अवसाद जैसी कई मानसिक बीमारियों का कारण बनता है। अतः यह आवश्यक है कि हम इस प्रकार के कार्यक्रमों से आमजन में जागरूकता बढ़ाते रहे ताकि मानसिक बीमारियों को केवल एक ही पहलू से ना देखा जाकर इसके अन्य प्रभावों को समझ कर जरूरी कदम उठाये जायें। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण ‘न्याय आपके द्वार’ की अवधारणा पर चलकर न्याय के विभिन्न पहलुओं को आमजन तक पहुंचाने की कड़ी में उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आयामों को एक नवीन स्तर प्रदान किया जाना है।

श्रीमती शर्मा ने बताया कि मानसिक बीमारियों से संबंधित पूर्वाग्रह को दूर करने एवं आमजन को इसकी जानकारी प्रदान करने हेतु इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

कार्यक्रम का संचालन सुश्री कोमल मोट्यार, उप सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ. सतीश वर्मा अतिरिक्त अधीक्षक, एसएमएस चिकित्सालय, डॉ सुरेश गुप्ता, एचओडी व वरिष्ठ प्राध्यापक, मनोचिकित्सा,  डॉ आशा लता, उप निदेशक, एसएमएस चिकित्सालय जयपुर एवं एसएमएस चिकित्सा महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकगण, विद्यार्थीगण एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • fb-share
  • twitter-share
  • whatsapp-share

Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk
#

RELATED NEWS