जयपुर, 16 सितम्बर। प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, श्रीमती गायत्री राठौड़ ने विकसित भारत–जन सेवा अभियान के तहत 17 सितम्बर, 2026 को प्रदेशभर में रक्तदान शिविरों के आयोजन के संबंध में सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानव जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण जनसेवा है, इसलिए शिविरों में अधिकाधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में रेडक्रॉस सोसायटी, युवक संघ एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं, इच्छुक रक्तदाताओं, निजी मेडिकल कॉलेजों, महाविद्यालयों तथा स्थानीय ब्लड बैंकों के समन्वय से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। राजकीय एवं निजी ब्लड बैंकों से समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय पर आवश्यक संसाधनों के साथ मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
श्रीमती राठौड़ ने कहा कि रक्तदान के इच्छुक लोगों का अधिक से अधिक संख्या में ई-रक्त कोष पोर्टल पर पंजीयन कराया जाए। पंजीयन के दौरान रक्तदाता का नाम, आयु, मोबाइल नंबर, रक्त समूह एवं पहचान पत्र संबंधी विवरण दर्ज किया जाए। शिविर स्थल पर अलग काउंटर अथवा डेस्क की व्यवस्था कर पंजीयन प्रक्रिया को सुगम बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों में किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों को शिविरों के आयोजन, ब्लड बैंक से समन्वय तथा आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
अभियान के तहत आयोजित प्रत्येक रक्तदान शिविर की फोटो एवं वीडियो संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएगी। शिविरों से संबंधित सूचनाओं के प्रेषण, रिपोर्टिंग एवं पोर्टल पर अपलोडिंग के लिए नामित नोडल अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
प्रमुख शासन सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रक्तदान शिविरों का समयबद्ध एवं व्यवस्थित आयोजन करते हुए स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा समूहों, महाविद्यालयों एवं अन्य संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही वर्तमान में नगरीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया के मद्देनजर शिविरों का आयोजन राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं आदर्श आचार संहिता की पालना करते हुए किया जाए।