जयपुर, 15 जुलाई। राजस्थान विधानसभा के गौरवशाली 75 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा के अमृत उत्सव का आगाज बुधवार को राजस्थान विधान सभा के सदन में हुआ। विधान सभा के सदन में पूर्व विधायक पहुँचकर भावुक हो रहे थे। सदन में वर्तमान और पूर्व विधायकों का मिलन अद्भुत अवसर था। प्रदेश में ही नहीं पूरे देश में इस विशेष समारोह की चर्चा रही। राज्य और देश के अन्य राज्यों के जनप्रतिनिधियों ने श्री वासुदेव देवनानी की अनूठी पहल की प्रशंसा की।
श्री देवनानी की पहल अनूठी:-
उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि राजस्थान विधान सभा में अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी की यह पहल वाकई अनूठी है। वर्तमान और पूर्व विधायकों का समागम ऐतिहासिक है। यहां किसी प्रकार की राजनीति दिखाई नहीं दी। सभी दलों के विधायक और पूर्व विधायकों ने इस समारोह को अविस्मरणीय बताया।
श्री देवनानी की सकारात्मक सोच प्रशंसनीय:-
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का यह महाकुंभ है। इस महाकुंभ की परिकल्पना बनाने वाले और उसे साकार करने वाले स्पीकर श्री वासुदेव देवनानी की सकारात्मक सोच की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम है। ऐसे अवसर बहुत ही कम होते है। राजस्थान विधान सभा में तो यह पहला ही मौका है।
श्री देवनानी का आयोजन अविस्मरणीय:-
समागम कार्यक्रम में आए प्रदेश के विभिन्न स्थानों के विधायक और पूर्व विधायकगण समारोह में शामिल होकर प्रसन्न थे। प्रत्येक व्यक्ति श्री देवनानी की इस पहल की प्रशंसा कर रहा था। सभी ने स्पीकर श्री देवनानी के इस प्रयास को अविस्मरणीय बताया।
410 विधायक और पूर्व विधायक शामिल हुए महाकुंभ में:-
राजस्थान विधान सभा में पहली बार हुए इस विशेष आयोजन में 410 जनप्रतिनिधयों ने भाग लिया। इसमें 237 पूर्व विधायक, 163 वर्तमान विधायक और 10 अन्य ऐसे पूर्व विधायक भी शामिल हुए जिन्होंने इस कार्यक्रम में अपना पंजीकरण नहीं कराया था। राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली परंपराओं को पूर्व जनप्रतिनिधियों और वर्तमान विधायकों ने स्मरण किया। सभी ने अपने योगदान और भविष्य के सुझावों पर चर्चा की।