जयपुर, 5 जून। वंदे गंगा जल संरक्षण जल अभियान के अन्तर्गत उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को अजमेर के बूढ़ा पुष्कर में आयोजित कार्यक्रम में श्रम दान, सरोवर पूजन और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश। राजीविका की महिलाओं ने कलश यात्रा कर पीपल पूजन किया।
श्रम दान के महत्व को आमजन तक पहुँचाने के लिए श्री सुरेश सिंह रावत ने उप मुख्यंमत्री दिया कुमारी को फावड़ा भेंट किया। स्थानीय निवासी शीतल कंवर एवं रेणु को समारोह में तुलसी वितरित की गई। समारोह में उपस्थित व्यक्तियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
गंगा दशहरा के अवसर से प्रारंभ हुआ वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हो गया। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस ऐतिहासिक अभियान को पूरी तरह सफल और प्रभावी बनाने के लिए अजमेर जिले के समस्त नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी विभागों का सहृदय आभार और धन्यवाद दिया।
दिया कुमारी ने कहा कि गत 10 दिनों तक चले इस महाअभियान में आमजन की जिस प्रकार से सक्रिय सहभागिता देखने को मिली है, उसी जन-भागीदारी की बदौलत आज इस अभियान ने प्रदेश में एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरगामी सोच की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जल संकट के समाधान के लिए जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने की जो अनूठी पहल की थी, उसे धरातल पर अभूतपूर्व सफलता मिली है।
दिया कुमारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार, साफ-सफाई और उनके संरक्षण की पवित्र और नैतिक परंपरा रही है। इसी समृद्ध परंपरा को मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने हरियालो राजस्थान और वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जैसी योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अब आगामी मानसून सत्र के आने पर इस अभियान के तहत सृजित की गई संरचनाओं से भारी मात्रा में वर्षा जल का प्रभावी संरक्षण हो सकेगा। इसका भविष्य में सदुपयोग होने के साथ-साथ जिले के भू-जल स्तर में भी भारी वृद्धि दर्ज की जाएगी।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जागृत करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों से अपनी मन की बात कार्यक्रम में भी जल संरक्षण के इस गंभीर मुद्दे को हमेशा प्रमुखता से उठाया है।
दिया कुमारी ने बताया कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में रेकार्ड तोड़ विकास कार्य करवा रही है। इसका सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच रहा है। अजमेर जिला प्रभारी मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अजमेर जिले का चहुंमुखी विकास करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल पुष्कर के समग्र विकास के लिए हमेशा विशेष फोकस रखा जाएगा। पुष्कर क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए 45 करोड़ रुपये की राशि से चिकित्सालय का निर्माण करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त वृहद पुष्कर क्षेत्र में परिक्रमा मार्ग, घाटों के जीर्णाेद्धार और सौंदर्यकरण के लिए 2.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई है। इससे पुष्कर परिक्रमा मार्ग के विकास और फीडर की मरम्मत व सुदृढ़ीकरण के कार्य तुरंत प्रभाव से शुरू करवाए जाएंगे।
जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि अभियान के अन्तर्गत राज्यभर में सभी वर्गों के अपूर्व सहयोग से लाखों की संख्या में जल स्रोतों पर व्यापक श्रमदान किया गया। इसके अंतर्गत प्राचीन बावड़ियों, तालाबों और नहरों की साफ-सफाई, संरक्षण और मरम्मत के कार्य युद्ध स्तर पर संपन्न हुए हैं। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर सभी को प्रदूषण की रोकथाम और पर्यावरण संवर्धन के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
श्री रावत ने कहा कि मानसून के आगमन से पूर्व ही जल स्रोतों की देखभाल और मरम्मत करना हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के साथ-साथ हरियालो राजस्थान अभियान की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य प्रति व्यक्ति पेड़ों की संख्या को बढ़ाना है।
सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अजमेर जिला कलक्टर श्री लोक बंधु ने कहा कि गंगा दशहरा से आरंभ हुए इस वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले भर में ग्रामीण और शहरी स्तर पर बड़ी संख्या में स्वच्छता, पौधारोपण और श्रमदान की गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अभियान का सबसे बड़ा दूरगामी लाभ अजमेर जिले को आगामी मानसून के दौरान मिलेगा। इससे भूमि जल तेजी से रिचार्ज होगा और आमजन को शुद्ध पेयजल के साथ-साथ कृषि कार्यों की सिंचाई व पशुधन के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री ओंकार बेरवाल ने अभियान के मुख्य उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला और विभिन्न विभागों, भामाशाहों तथा आम नागरिकों द्वारा मिलकर की गई उपलब्धियों व गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर श्री देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश भड़ाना, जिला पुलिस अधीक्षक श्री हर्ष वर्धन अगरवाला, मुख्य वन संरक्षक श्री पी. मुरगन , श्रीमती सरिता गेना, श्री जीतमल प्रजापत, श्री रमेश सोनी, श्री कैलाश लांबा भी उपस्थित रहे।