जयपुर, 16 मई। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे शनिवार को बिड़ला सभागार में नागपुर की संस्था “नाद ब्रह्म” द्वारा मंचित 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार' नाट्य प्रस्तुति को देखने पहुंचे। उन्होंने डॉ. हेडगेवार की जीवन आलोक पर आधारित नाटक देखा और उसकी सराहना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी भी उपस्थित रहीं।
नाट्य प्रस्तुति से पहले आयोजित कार्यक्रम में श्री बागडे ने कहा कि राष्ट्र केवल भू-भाग नहीं, बल्कि एक विचार, एक आचार, एक सभ्यता और परम्परा है। डॉ. हेडगेवार जी ने इसी राष्ट्रवादी सोच को जन जन तक पहुंचाया। वह महामना, चिंतक थे।
राज्यपाल श्री बागडे ने डॉ. हेडगेवार के जीवन से जुड़े प्रसंगों की चर्चा करते हुए कहा कि उनके लिए राष्ट्र प्रथम था। विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना उन्होंने इसी उद्देश्य से की थी कि समाज अनुशासित, सशक्त और संगठित बने। डॉ. हेडगेवार ने जाति-पांति का घोर विरोध किया और कहा कि इसे “जड़ से” समाप्त करना होगा। संघ शाखाओं के माध्यम से इसलिए उन्होंने सदा समानता, अनुशासन और देशभक्ति का संस्कार देने का कार्य किया।
श्री बागडे ने डॉ. हेडगेवार के जीवन से जुड़े आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए 'नादब्रह्म' संस्था की नाट्य मंचन की पहल के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नाटक डॉ. हेडगेवार के जीवन—आलोक से ही साक्षात् नहीं कराने वाला है बल्कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर भारत को सशक्त, समर्थ बनाने में सहभागी होने की दृष्टि देने वाला है।