जयपुर, 21 अक्टूबर। चंबल नदी में अवैध बजरी खनन की रोकथाम एवं पर्यावरण संरक्षण के संबंध में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित स्टेट लेवल कॉर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में संबंधित विभागों एवं जिला कलेक्टर को प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि चंबल नदी में अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
मुख्य सचिव ने चंबल नदी क्षेत्र में स्थापित पेट्रोलिंग पोस्ट्स का नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी सुपरविजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, वैकल्पिक निर्माण सामग्री के रूप में एम-सैंड नीति को बढ़ावा देने के लिए समीक्षा कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
अति संवेदनशील 40 स्थानों की डिजिटल माध्यम से होगी निगरानी
मुख्य सचिव ने अरण्य भवन में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड स्थापित करने के निर्देश दिए, जिसके माध्यम से चंबल नदी के 40 अति संवेदनशील स्थानों की निरंतर निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अभय कमांड सेंटर की तर्ज पर विकसित की जाए तथा इन स्थानों पर निगरानी व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा भी सुनिश्चित हो ताकि अवैध खनन की गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने पड़ोसी राज्यों के पुलिस प्रशासन से आपसी समन्वय कर अवैध खनन पर आवश्यक कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि अवैध बजरी खनन में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध केवल चालान तक सीमित न रहते हुए प्रकरण की प्रकृति एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार चार्जशीट दायर करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी विभाग जिम्मेदारी के साथ प्रभावी कार्रवाई करें।
बैठक में करौली, कोटा, बूंदी, धौलपुर व सवाई माधोपुर जिलों उपवनसंरक्षक ने डिटेल प्रेजेंटन के माध्यम से इन जिलों में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित स्पेशल टास्क फोर्स द्वार किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया।
बैठक में खान एवं पैट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा, परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा, राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हैड ऑफ फोरेस्ट फोर्स श्री अरिजीत बनर्जी , प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री पी. के. उपाध्याय एवं अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री के. सी. अरुण प्रसाद एवं करौली, कोटा, बूंदी, धौलपुर व सवाई माधोपुर के जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, उप वन संरक्षक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।