जयपुर, 19 अगस्त। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा केयर इकोनॉमी Care Economy विषय पर राज्य स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन बुधवार को निदेशालय सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता श्री दिनेश कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री दिनेश कुमार ने केयर इकोनॉमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न विभागों एवं हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय और अभिसरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ देखभाल सेवाओं का सुदृढ़ीकरण एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।
इस अवसर पर श्री ललित कुमार, निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने बताया कि बैठक का उद्देश्य राज्य में केयर इकोनॉमी को सुदृढ़ एवं समावेशी बनाने के लिए विभिन्न विभागों एवं हितधारकों से सुझाव एवं अनुशंसाएं प्राप्त करना है।
उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान मैदानी स्तर पर केयर इकोनॉमी के क्षेत्र में आ रही प्रमुख चुनौतियों, उनके समाधान तथा देखभाल सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, राज्य में संचालित सफल मॉडलों, नवाचारों एवं सर्वोत्तम प्रथाओं(Best Practices)पर भी चर्चा की गई, जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की संभावनाएं हैं।
श्री ललित कुमार ने बताया कि केयर इकोनॉमी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए नीतिगत एवं क्रियान्वयन संबंधी अनुशंसाओं पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में संस्थागत व्यवस्था, वित्तीय संसाधन, कौशल विकास, सेवा प्रदाय प्रणाली, विभिन्न विभागों के मध्य अभिसरण एवं प्रभावी निगरानी व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
उन्होंने बताया कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों एवं अनुशंसाओं का संकलन कर उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को अग्रेषित किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर केयर इकोनॉमी से संबंधित नीतियों एवं भावी कार्ययोजना के निर्माण में इन पर विचार किया जा सके।
बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों, विकास सहयोगी संस्थाओं एवं केयर सेक्टर से जुड़े अन्य हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया एवं अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।