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Rajasthan / निर्धारित समयावधि में विभागीय योजनाओं की सर्विस डिलेवरी सुनिश्चित की जाए — अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को मिलेगा सम्मान, कोताही बरतने वाले कड़ी कार्यवाही के लिये रहें तैयार-शासन सचिव, सहकारिता

निर्धारित समयावधि में विभागीय योजनाओं की सर्विस डिलेवरी सुनिश्चित की जाए — अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को मिलेगा सम्मान, कोताही बरतने वाले कड़ी कार्यवाही के लिये रहें तैयार-शासन सचिव, सहकारिता
Aayushman Bhatt July 09, 2026 08:45 AM IST
  जयपुर, 8 जुलाई। सहकारिता विभाग एवं सहकारी संस्थाओं के कार्यालयों में अधिकारियों एवं कार्मिकों की सेवा प्रदाता स्थल पर उपस्थिति आमजन को सेवायें देने का साधन मात्र है, वास्तविक लक्ष्य पूर्ण मनोयोग से विभागीय योजनाओं की निर्धारित समयावधि में सर्विस डिलेवरी सुनिश्चित करना है और हमें इसके लिये लगातार एवं मिलकर प्रयास करना होगा ताकि अन्तिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को सहकारी योजनाओं का निश्चित समयावधि में लाभ मिल सके।
 
      शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने नेहरू सहकार भवन स्थित मीटिंग हॉल में बुधवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि जिन जिलों के अधिकारियों द्वारा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्कृष्ट प्रदर्षन किया है उन्हें सम्मान दिया जायेगा। लेकिन कई जिलों में विभागीय अपेक्षा के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है, को सचेत करते हुये उन्होंने कहा कि विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्‍त नहीं की जायेगी, ऐसे अधिकारी एवं कार्मिक कड़ी कार्यवाही के लिये तैयार रहें।
 
      डॉ. शर्मा ने समीक्षा बैठक में राजस्थान उच्च न्यायालय के कंटेम्प्ट के प्रकरण में समय पर जवाब दावा पेश नहीं करने तथा लापरवाही बरतने के लिये सीकर केन्द्रीय सहकारी बैंक में पदस्थापित अधिशाषी अधिकारी श्रीमती ज्योति सांई के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान किये।
 
      उन्होंने बताया कि सहकारी संस्थाओं की समय पर ऑडिट एवं गुणवत्तापूर्ण ऑडिट उसकी फाइनेंसियल हैल्थ को मापने का सबसे अधिक विश्‍वसनीय टूल है। इससे संस्था के कार्यों में पारदर्शिता बढती है और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को समय पर रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेष में रेण्डम आधार पर सहकारी संस्थाओं का टेस्ट ऑडिट करवाया जायेगा और ऐसी अंकेक्षक फर्म एवं विभागीय अंकेक्षक जिनकी ऑडिट विभागीय मापदण्ड एवं प्रक्रिया के अनुसार नहीं पायी जायेगी उनके विरूद्ध कडी से कडी कार्यवाही करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्ट किया जायेगा।
 
      श्री शर्मा ने बताया कि सहकार से समृद्धि कार्यक्रम के क्रियान्वयन, अधिनियमान्तर्गत वैधानिक दायित्वों के निष्पादन तथा प्रशासनिक कार्यों के लिये की-परफोरमेंस-इण्डीकेटर्स (केपीआई) के आधार पर खण्ड एवं जिलों को रेंकिंग दी गई है। खण्ड स्तर पर अजमेर खण्ड प्रथम स्थान पर, जोधपुर खण्ड द्वितीय स्थान तथा कोटा खण्ड तृतीय स्थान पर रहा। इसी प्रकार खैरथल-तिजारा जिला प्रथम स्थान पर रहा, जबकि बाडमेर द्वितीय तथा बालोतरा जिला तृतीय स्थान पर रहा।
 
डॉ. शर्मा ने बताया कि वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कार्यालयों में उपस्थिति के साथ-साथ सहकार से समृद्धि के अन्तर्गत विष्व की सबसे बडी अन्न भण्डारण योजना के अन्तर्गत केवीएसएस में गुणवत्तापूर्ण गोदामों के निर्माण एवं उपयोग, कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना एवं उपयोग, पैक्स विहीन ग्राम पंचायतों में एम-पैक्स का गठन, ई-पैक्स में परिवर्तन, निष्क्रिय पैक्स एवं पैक्स का अवसायन, एम-डीसीएस का गठन सहित एनसीओएल, एनसीईएल एवं बीबीएसएसएल की सदस्यता की समीक्षा की गई।
 
      शासन सचिव ने विश्व की सबसे बडी अन्न भण्डारण योजना के अन्तर्गत केवीएसएस में गुणवत्तापूर्ण गोदामों के निर्माण एवं उपयोग में अलवर, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, प्रतापगढ, कोटा, दौसा, डीग एवं अजमेर जिलों की प्रगति कम रही, जिसके लिये उन्हें इस क्षेत्र में तेजी से कार्य कर लक्ष्यों की प्राप्ति के निर्देश  दिये गये। कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिये कोटपूतली-बहरोड, बीकानेर, भरतपुर, कोटा, चुरू, धोलपुर, झालावाड, दौसा, सिरोही, डीग, जैसलमेर, उदयुपर एवं बांसवाडा जिलों को प्राथमिकता से 20 जुलाई से पूर्व कार्य पूर्ण करने के निर्देश  दिये गये ताकि खेती के कार्यों में आवश्‍यकता के आधार पर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
 
      डॉ शर्मा ने पैक्स विहीन ग्राम पंचायतों में एम-पैक्स के गठन में पिछड रहे डूंगरपुर, जैसलमेर, भरतपुर, उदयपुर, बालोतरा, डीग, कुचामन आदि जिलों को युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिये गये ताकि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप सभी ग्राम पंचायतों में एम-पैक्स का गठन कर अधिक से अधिक आमजन को सहकारिता के दायरे में लाकर उन्हें विभागीय सहकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया जा सके।
 
      उन्होंने पैक्स की एनसीओएल, एनसीईएल एवं बीबीएसएसएल की सदस्यता लेने की महत्ता पर जोर देते हुये कहा कि बीबीएसएसएल की सदस्यता से पैक्स के माध्यम से आईसीएआर के द्वारा तैयार किये गये उन्नत बीज किसानों को प्राप्त होने से उनकी उत्पादकता बढेगी तथा आय में वृद्धि होगी। ऑर्गेनिक उत्पादन से उन्हें उपज का अधिक मूल्य प्राप्त होगा तथा उन्हें अपनी उपज को विदेशों में निर्यात करने के अवसर मिल सकेंगे।
 
      रजिस्ट्रार, सहकारिता ने कहा कि अधिनियमान्तर्गत वैधानिक दायित्वों के त्वरित निष्पादन से सहकारी संस्थाओं की सर्विस डिलेवरी में सुधार आता है और आगे होने वाली अनियमितताओं में कमी आती है। उन्होंने सभी इकाई अधिकारियों को निर्देश  दिये कि वे अधिनियमान्तर्गत वैधानिक कार्यवाहियों का रिकॉर्ड, तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर त्वरित ढंग से निपटान सु‍निश्चित करें।
 
 
विभागीय समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक, राजफैड एवं सहकार से समृद्धि के राज्य नोडल अधिकारी श्री सौरभ स्वामी, आई.ए.एस., अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रथम) श्री कार्तिकेय मिश्र, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) श्री संदीप खण्डेलवाल सहित सभी फंक्‍क्षनल अधिकारी नेहरू सहकार भवन में उपस्थित थे। जिला एवं खण्ड स्तर के अधिकारी एवं कार्मिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुडे।
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