जयपुर,19 अगस्त। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट के तहत राज्य में औद्योगिक इकाई स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को कम लागत पर औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रीको द्वारा प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 प्रारंभ की गई है। निवेशकों एवं उद्यमियों की सुविधा और हितों को ध्यान में रखते हुए रीको द्वारा योजना के नियमों का लगातार सरलीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में योजना के प्रावधानों में आंशिक संशोधन करते हुए आवेदकों को आवेदन वापस लेने तथा ईएमडी राशि की वापसी से संबंधित महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है।
प्रत्यक्ष आवंटन योजना के वर्तमान नियमों के तहत औद्योगिक भूखंड के लिए आवेदन करते समय आवेदक को भूखंड के कुल देय प्रीमियम की 5 प्रतिशत राशि ईएमडी के रूप में ऑनलाइन जमा करनी होती है। आवेदन स्वीकृत होने के पश्चात सफल आवेदक को लेटर ऑफ ऑफर जारी किया जाता है तथा उसे 30 दिवस के भीतर निर्धारित राशि एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर ईएमडी राशि जब्त किए जाने तथा आवंटन का ऑफर लेटर स्वतः निरस्त होने का प्रावधान था।
नवीन प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई आवेदक आवेदन की अंतिम तिथि तक अपना आवेदन वापस लेने तथा जमा की गई ईएमडी राशि लौटाने का अनुरोध करता है, तो उसकी ईएमडी राशि बिना किसी कटौती के वापस की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, प्रत्यक्ष आवंटन योजना के अंतर्गत कुछ मामलों में आवेदन में गलत जानकारी दर्ज होने अथवा प्रस्तुत एमओयू एवं आवश्यक दस्तावेजों में असमानता पाए जाने जैसी परिस्थितियां सामने आईं हैं। ऐसे मामलों में यदि आवेदक लॉटरी प्रक्रिया में सफल घोषित हो जाता है, तो प्रस्तावित संशोधन के अनुसार भूखंड के प्रीमियम की 0.5 प्रतिशत राशि की कटौती कर शेष ईएमडी राशि आवेदक को वापस करने का प्रावधान किया गया है। पूर्व में ईएमडी वापस करने का कोई प्रावधान योजना के अंतर्गत उपलब्ध नहीं था।
रीको प्रबंध निदेशक श्री सुरेश कुमार ओला ने बताया कि रीको द्वारा प्रत्यक्ष आवंटन योजना को निवेशकों एवं उद्यमियों के लिए अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और सरल बनाने के लिए समय-समय पर आवश्यक सुधार किए जाते रहे हैं। वर्तमान में योजना की वैधता 31 दिसंबर 2026 तक है। राज्य सरकार के साथ निर्धारित अवधि में एमओयू निष्पादित करने वाले निवेशक, निर्धारित पात्रता शर्तों के अधीन इस योजना में भाग लेने के पात्र हैं। नवीन संशोधनों का उद्देश्य भूमि आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुगमता बढ़ाने के साथ-साथ निवेशकों के हितों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित करना है। सभी प्रावधान प्रत्यक्ष आवंटन योजना के लागू होने की तिथि से प्रभावी होंगे। वर्तमान में योजना का 13 वां चरण चल रहा है जिसकी आवेदन एवं ईएमडी जमा कराने की अंतिम तिथि 25 अगस्त, 2026 रखी गई है।