जयपुर, 10 अप्रैल। देश के आधारभूत ढांचा विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने कोटा में स्थापित होने वाली राष्ट्रीय महत्व की 800 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय परियोजना “कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना” के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस (टीपीक्यूए) की जिम्मेदारी सौंपी है।
जनसंपर्क अधिकारी श्री विक्रम राठौड़ ने बताया कि यह जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की तकनीकी दक्षता, विशेषज्ञता एवं गुणवत्ता आधारित अनुसंधान क्षमताओं की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक है। कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी की प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के विकास की संकल्पना और निर्देशन में अर्जित यह उपलब्धि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी परामर्श एवं गुणवत्ता मूल्यांकन के क्षेत्र में एक नई पहचान प्रदान करेगी। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाएं देश में आधुनिक हवाई अड्डा अवसंरचना के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनमें गुणवत्ता नियंत्रण और मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक होता है। यह परियोजना लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है, जिसकी कुल अवधि 2 वर्ष निर्धारित की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है। एयरसाइड वर्क्स तथा बिल्डिंग वर्क्स। प्रथम एयरसाइड वर्क्स में रनवे, टैक्सीवे और संबंधित तकनीकी ढांचे का निर्माण शामिल होगा जबकि द्वितीय बिल्डिंग वर्क्स के अंतर्गत टर्मिनल भवन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर आज कार्यादेश का औपचारिक हस्तांतरण भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के जीएम (प्रोजेक्ट) श्री सुनील प्रसाद द्वारा आरटीयू के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी को किया गया। इस अवसर पर डीजीएम श्री अनिल झा, डीजीएम श्री पंकज अग्रवाल तथा वरिष्ठ प्रबंधक (एएच) श्री अविनाश राजपुरोहित उपस्थित रहे। आरटीयू की ओर से डॉ. सुनील पुरोहित, डॉ. हरीश शर्मा, डॉ. अजय शर्मा एवं डॉ. सुरेश नागर भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने कहा कि आरटीयू के लिए बड़े ही गौरव का विषय है कि उसे इतने बड़े राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीम पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना के माध्यम से आरटीयू की तकनीकी विशेषज्ञता-दक्षता और विश्वसनीयता को देशभर में पहचान मिलेगी। इस निर्णय से कोटा क्षेत्र में तकनीकी और अवसंरचना विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ इंजीनियरों एवं तकनीकी टीम द्वारा परियोजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा निर्धारित तकनीकी मानकों की स्वतंत्र रूप से निगरानी एवं मूल्यांकन किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय की टीम निर्माण सामग्री, डिजाइन मानकों, कार्य निष्पादन की गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस के माध्यम से परियोजना में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी, जिससे देश के नागरिकों को विश्वस्तरीय हवाई अड्डा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
गौरतलब हैं कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस (टीपीक्यूए) एजेंसी की आवश्यकता जताई थी। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने देश के प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों जैसे आआईटी, एनआईटी और आरटीयू को आमंत्रित किया था। इन सभी महत्वपूर्ण संस्थानों में से राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चयनित किया गया है। आरटीयू की कुल दो टीमें इस परियोजना पर कार्य करेंगी, जो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि सभी कार्य निर्धारित मानकों और दिशानिर्देशों के अनुसार पूरे हों। इस प्रकार की राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में सहभागिता से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को भी व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जो उनके भविष्य के करियर के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से कोटा में उद्यमशीलता और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। कोटा हवाई अड्डा क्षेत्र के लिए प्रगति के नए द्वार खोलेगा और इससे युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा।