जयपुर, 9 अप्रेल। राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान गैस द्वारा कोटा में पाइपलाइन से नए गैस कनेक्शन जारी करने में औसतन प्रतिदिन तीन से चार गुणा तक की बढ़ोतरी करेगी। राजस्थान स्टेट गैस के नए प्रबंध निदेशक श्री विनय पाटनी ने कार्यभार संभालने के बाद पहली बार विभागीय अधिकारियों और कार्मिकों से वीसी के माध्यम से संवाद कायम करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना विकसित क्षेत्रवासियों को डीपीएनजी सेवाओं से जोड़ने के प्रयासों में तेजी लानी होगी। वर्तमान हालातों में केन्द्र व राज्य सरकार आमनागरिकों, औद्योगिक संस्थाओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्राकृतिक गैस सुविधा से जोड़ने के लिए गंभीर है।
श्री पाटनी ने बताया कि वर्तमान में आरएसजीएल द्वारा प्रतिदिन औसतन 50 से 60 डीपीएनजी कनेक्शन जारी किये जा रहे हैं। इसे बढ़ाकर प्रतिदिन औसतन 150 से 200 तक ले जाने के प्रयास करने होंगे। उन्होंने कोटावासियों से भी आग्रह किया कि वे आगे आकर एलपीजी से डीपीएनजी से जुड़ें। पाइपलाइन से घरेलू गैस सुविधा सस्ती, सुरक्षित, हरित उर्जा और 24x7 उपलब्ध सुविधा है। आरएसजीएल डीपीएनजी के नए कनेक्शनों पर आकर्षक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
एमडी श्री पाटनी ने आरएसजीएल के फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे होटल, ढ़ाबा, रेस्टोरेंट आदि को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ें। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी अभियान चलाकर पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपमहाप्रबंधक श्री विवेक श्रीवास्तव व श्री विवेक रंजन ने उपलब्ध मानव संसाधन का बेहतर उपयोग करते हुए कार्य में गति लाने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
उपमहाप्रबंधक कोटा श्री सीपी चौधरी ने बताया कि डीपीएनजी के दैनिक कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने और कोटावासियों को प्रेरित करने के लिए अवेयरनेस कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वीसी में उपमहाप्रबंधक ग्वालियर श्री शिव दीक्षित, तथा जयपुर, कोटा, नीमराणा, ग्वालियर व कूकस के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।