जयपुर, 12 मई। ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के अंतर्गत संचालित ‘सहकारिता क्षेत्र में विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राजस्थान अब अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन गया है। योजना के क्रियान्वयन में राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। गोदाम निर्माण के राजस्थान मॉडल का अध्ययन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का एक दल प्रदेश दौरे पर है।
दल में शामिल सदस्यों ने मंगलवार को नेहरू सहकार भवन में सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा से भेंट कर राजस्थान में गोदाम निर्माण की कार्यप्रणाली, वित्तीय मॉडल एवं मॉनिटरिंग सिस्टम की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। डॉ. शर्मा ने दल को बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं सहकारिता मंत्री श्री गौतम कुमार दक के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भण्डारण क्षमता को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में गोदामों का निर्माण संबंधित सहकारी समितियों के माध्यम से कराया जा रहा है, जिससे एजेंसियों के कमीशन का अतिरिक्त भार समाप्त होने के कारण निर्माण लागत में कमी आई है। राज्य में गोदाम 4000 से 5500 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से निर्मित किए जा रहे हैं, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। साथ ही, विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी एवं मॉनिटरिंग के माध्यम से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।
शासन सचिव ने बताया कि सभी गोदामों का निर्माण डब्ल्यूडीआरए के निर्धारित मानकों एवं मापदण्डों के अनुरूप किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक गोदाम के लिए 25 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है तथा गोदाम निर्माण हेतु शत-प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध कराने वाला राजस्थान देश का एकमात्र राज्य है। गोदामों के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्हें किराये पर उपलब्ध कराने हेतु विभाग द्वारा विस्तृत एसओपी भी जारी की गई है।
डॉ. शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य में 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले कुल 250 गोदामों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 100, वर्ष 2025-26 में 100 तथा वर्ष 2026-27 में 50 गोदामों का निर्माण लक्षित है। इससे राज्य में कुल 1.25 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भण्डारण क्षमता का सृजन होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के तहत 98 गोदामों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 91 गोदाम निर्माणाधीन हैं। वर्ष 2026-27 के लिए गोदामों के चयन की प्रक्रिया जारी है।
दल ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रोसेसिंग) श्री शुद्धोधन उज्ज्वल एवं संयुक्त रजिस्ट्रार (प्रोसेसिंग) श्रीमती कल्पना जोशी से भी विस्तार से चर्चा कर राजस्थान मॉडल की तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समझा। साथ ही, दल ने फील्ड विजिट कर निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके गोदामों का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।
प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड के मुख्य अभियंता श्री परीक्षित त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता श्री सतेन्द्र सिकरवार तथा एफसीआई के सहायक महाप्रबंधक श्री प्रतीक के. शर्मा शामिल हैं।