जयपुर, 20 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में चलाए जा रहे “शुद्ध आहार–मिलावट पर वार” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने गुरुवार को जयपुर और अलवर में बड़ी कार्रवाई की।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा।
आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त श्री भगवत सिंह एवं संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के सुपरविजन में कार्रवाई करते हुए 2865 किलो दूषित मिठाइयां नष्ट कराई गईं और 10,070 किलो मसाले जांच रिपोर्ट आने तक जब्त किए गए।
जयपुर में 1605 किलो सड़ी मिठाइयां नष्ट—
सांगानेर के असावाला स्थित शंकर लाल मावा वाले एण्ड केटर्स प्रा. लि. के कारखाने में 107 जंग लगे टीनों में करीब 1605 किलो सड़ी एवं दुर्गंधयुक्त मिठाइयां मिली। चाशनी में कीड़े मिले , अत्यधिक गंदगी थी, खाद्य सामग्री के पास एसिड के कैन तथा अन्य गंभीर अनियमितताएं भी मिलीं। टीम ने पूरी मिठाई मौके पर नष्ट कराई तथा मावा और काजू कतली के नमूने लिए।
बगरू में 1260 किलो मिठाई नष्ट—
ग्राम घेघा, बगरू स्थित श्री श्याम स्वीट एवं मिल्क केक पर कार्रवाई के दौरान करीब 1260 किलो मिल्क केक एवं डोडा बर्फी नष्ट कराई गई। बिना खाद्य लाइसेंस संचालित निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया गया।
अलवर में 10,070 किलो मसाले जब्त—
अलवर एमआईए स्थित सप्तऋषि गोल्ड स्पाइसेज से धनिया, हल्दी, मिर्च एवं मिश्रित मसालों के 8 नमूने लिए गए। जांच रिपोर्ट तक 4500 किलो धनिया, 3000 किलो हल्दी, 2400 किलो मिर्च और 170 किलो मिक्स मसाले जब्त किए गए। असुरक्षित पाए गए धनिया पाउडर के बैच नंबर AS-159 के लिए रिकॉल के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त आयुक्त श्री भगवत सिंह ने बताया कि फील्ड टीमों को सघन निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस के विरुद्ध कार्रवाई, खाद्य सामग्री को नष्ट करना एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई शामिल है। नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।