जयपुर, 23 मई। जोधुपर जिले की लूणी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में शनिवार को पाल रोड स्थित पंचायत समिति लूणी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं पंचायती राज विभाग की पेयजल संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार भीषण गर्मी में समुचित जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान पेयजल व्यवस्था के सुचारू संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में आगामी दिनों में आयोजित होने वाली भोगीशैल परिक्रमा, नौतपा एवं भीषण गर्मी के मद्देनजर संभावित बढ़ती पेयजल मांग पर विशेष चर्चा की गई। मंत्री श्री पटेल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित की जाएं ताकि आमजन को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
टैंकर आपूर्ति, सार्वजनिक टांकों एवं पेयजल भंडारण व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा -
बैठक में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लूणी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कुल पेयजल की मांग पर लगभग 16.8 एमएलडी जल उपलब्ध हो पा रहा है। अधिकारियों द्वारा सामान्य पेयजल आपूर्ति बहाली की संभावित समयावधि एवं आगामी व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री ने टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति, सार्वजनिक टांकों में पानी की उपलब्धता एवं पेयजल भंडारण व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि भीषण गर्मी के इस दौर में जल वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
टैंकरों की संख्या बढ़ाने एवं फील्ड मॉनिटरिंग के निर्देश-
श्री पटेल ने निर्देश दिए कि आमजन को राहत पहुंचाने के लिए संवेदकों द्वारा टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहकर टैंकर संचालन एवं जल वितरण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करें। साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी टैंकरों की आवाजाही की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से भी टैंकर संचालन की निगरानी की जाए, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनी रहे।
समर कंटिंजेंसी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश -
विधि मंत्री ने समर कंटिंजेंसी कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी सार्वजनिक पेयजल टांकों की सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाकर उनकी मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने परम्परागत जल स्रोतों के संरक्षण पर बल देते हुए पारंपरिक कुओं एवं तालाबों की स्थिति का आकलन कर उन्हें उपयोग योग्य बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि क्षेत्र में खराब पड़े हैंडपम्पों एवं ट्यूबवेलों की सूची तैयार कर उनकी शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक पेयजल स्रोतों को प्रभावी बनाया जा सकें।
श्री पटेल ने पानी की चोरी, अवैध जल कनेक्शनों एवं पेयजल के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उपखंड अधिकारी श्री हसमुख कुमार, उपखंड अधिकारी (दक्षिण) श्री पंकज जैन, विकास अधिकारी लूणी श्री कंवरलाल सोनी, विकास अधिकारी धवा श्री ओमप्रकाश चौधरी, अधिशासी अभियंता (जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी) श्री महेन्द्र किराड सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।