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Rajasthan / किसान की समृद्धि एवं आत्मनिर्भरता से ही देश-प्रदेश का समग्र विकास संभव

किसान की समृद्धि एवं आत्मनिर्भरता से ही देश-प्रदेश का समग्र विकास संभव
Dinesh Bhatt July 18, 2026 09:26 AM IST
जयपुर, 17 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा की किसान का जीवन संघर्ष और परिश्रम से भरा होता है। वह विपरीत परिस्थितियों और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद भी हार नहीं मानता है और हर बार नई उम्मीद के साथ खेती करता है। ऐसे में किसान को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाकर ही देश और प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। इसी सोच के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश के कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण एवं व्यापक परिवर्तन हुए हैं। साथ ही, योजनाओं एवं नीतियों में किसान कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। 
 
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल में किसानों, पशुपालकों एवं युवाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की चिंता करने की परंपरा को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने मजबूती दी थी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी पहल ने ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि क्षेत्र को नई दिशा प्रदान की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए किसान हितैषी योजनाओं का विस्तार किया और किसानों को विकास की मुख्य धारा में लाने का काम किया। 
 
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध करवाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी कृषि को सम्मानजनक और लाभदायक व्यवसाय के रूप में अपनाएं। इसके लिए कृषि में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना भी की जा रही है। उन्होंने किसानों से सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने, प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने के साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान को अगर पर्याप्त पानी मिल जाए तो वो बहुत अच्छे स्तर पर कृषि कर देश की अर्थव्यवस्था में अपना अहम योगदान दे सकता है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता जैसी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण कई जल परियोजनाओं का कार्य धरातल पर उतर रहा है। जिसका फायदा वर्तमान के साथ ही किसानों की आने वाली कई पीढ़ियों को मिलता रहेगा।
  
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसान हित में एक से बढ़कर एक योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि में राज्य सरकार द्वारा भी 3 हजार रुपये अतिरिक्त जोड़कर किसानों को 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। वहीं, एमएसपी पर गेंहू खरीद में 150 रुपये का बोनस दिया जा रहा है। इसी प्रकार ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण और फसल बीमा योजना द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। किसानों को बिजली बिलों और सोलर पंप सेट की स्थापना में अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है और जल्द ही प्रदेशभर के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी।
 
उन्होंने कहा कि किसान के लिए कृषि और पशुपालन जीवन के दो महत्वपूर्ण आधार हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा गोपालक क्रेडिट कार्ड ऋण योजना एवं मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा जैसी योजनाओं के जरिए किसान और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अधिक से अधिक सरकारी नौकरियों के साथ ही निजी क्षेत्र में रोजगार के लाखों अवसर सृजित किए जा रहे हैं। साथ ही, युवा नीति के जरिए युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा गांव के युवाओं स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार द्वारा उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के जरिए भी आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है।
 
इस अवसर पर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक अजय सिंह किलक, लक्ष्मण राम कलरू, रेवंतराम डांगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।
 
मुख्यमंत्री से संवाद, सरकार का आभार —
 
मैंने राज्य सरकार के प्रोत्साहन से खारे पानी के बावजूद बेहतर कृषि करके दिखाई है। मैं अनार की खेती, ग्रीन हाउस, पशु पालन जैसे कार्य कर सालाना 60-70 लाख रुपये कमा रहा हूं। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को अपनाकर अच्छी से अच्छी कृषि करें और लाभ कमाएं। 
 
- प्रगतिशील किसान अशोक जागु
 
मैंने 27 साल पहले जमीन खरीदकर 14 हजार पौधे लगाएं, जो आज वृक्ष बन चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इस मॉडल को केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा काफी सराहना मिली। जिसके लिए मैं सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के साथ पशुपालकों को बढ़ावा और अनुदान प्रदान किया जाना एक सराहनीय कार्य है। 
 
- पद्मश्री हिम्मता राम भांभू, पर्यावरणविद्
 
सरकार के सहयोग से नागौर के अश्वगंधा को जीआई टैग दिलवा कर वैश्विक पहचान दिलाने में सफलता मिली है। सरकार के प्रोत्साहन से जिले के अन्य किसानों का भी अश्वगंधा की खेती की ओर रुझान बढ़ा है। अच्छी गुणवत्ता के बीज और प्रोसेसिंग यूनिट लगने से किसानों की आमदनी में इजाफा हुआ है।
 
- पारुल, प्रगतिशील किसान
 
मैं 15 सालों से जैविक खेती कर रही हूं। हमने जहर मुक्त खेती करने का संकल्प लिया था, शुरू में हमें थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन आज अधिक उत्पादन और लाभ मिल रहा है। साथ ही, हम पशुपालन और पशु नस्ल सुधार का कार्य भी कर रहे हैं। हमें खेती और पशुपालन में केन्द्र के साथ राज्य सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। 
 
- किसान मीरा
 
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत मुझे 25 लाख रूपये का ऋण मिला, जिससे मैं अपनी हैंडिक्राफ्ट यूनिट को नई ऊंचाइयों तक ले जा सका। शुरुआत में मैंने तीन युवाओं को रोजगार दिया था, लेकिन आज मेरी यूनिट में 40 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल रहा है। ऑनलाइन माध्यम से मैं देशभर में फर्नीचर का विक्रय कर रहा हूं। सरकार के सहयोग से मेरा व्यवसाय तो आगे बढ़ा ही है साथ ही अन्य युवाओं को भी उद्यमिता की प्रेरणा मिल रही है।
 
- ओंकार चौधरी, युवा उद्यमी
 
सरकार रोजगार सृजन के साथ-साथ उद्यमिता को भी प्रोत्साहन दे रही है। विश्वकर्मा उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपए के ऋण और सरकारी योजनाओं के सहयोग से मैं अपना उद्योग सफलतापूर्वक स्थापित कर सका। आज मैं न एक सफल उद्यमी हूं, मेरे क्षेत्र के अनेक युवा भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
 
- लक्ष्मीकांत कड़वा, युवा उद्यमी
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