जयपुर, 17 मई। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत, सुचारू एवं विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। इसी क्रम में शनिवार को प्रदेशभर में चौथा राज्य स्तरीय विशेष अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान कर आमजन को बड़ी राहत प्रदान की गई। प्रदेश में प्रत्येक शनिवार को आगामी 30 जून तक विशेष अभियान संचालित किए जाएंगे, ताकि गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति निर्बाध एवं सुचारू बनी रहे।
575 विशेष टीमों ने गांव-गांव पहुंचकर किया निरीक्षण
गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा प्रदेशभर में 575 विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने गांव-गांव पहुंचकर पेयजल व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया तथा स्थानीय स्तर पर मौजूद समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया।
662 हैंडपंप दुरुस्त, 475 पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत
विशेष अभियान के दौरान खराब पड़े 662 हैंडपंपों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू किया गया। साथ ही 475 पाइपलाइन लीकेज को दुरुस्त कर जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। इसके अतिरिक्त 1598 अन्य पेयजल सुधार कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिली।
2687 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
अभियान के दौरान विभागीय तकनीकी टीमों ने समन्वय एवं सक्रियता के साथ कार्य करते हुए कुल 2687 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया। शिकायतों के त्वरित समाधान से ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखने को मिला तथा विभाग के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।
जनसेवा और जवाबदेही का प्रभावी उदाहरण
यह अभियान केवल विभागीय गतिविधि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य सरकार की जनहित, जवाबदेही एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास एवं बुनियादी सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पेयजल व्यवस्थाओं को अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
ग्रामीण जल प्रबंधन में नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत
राज्य सरकार का यह विशेष अभियान ग्रामीण जल प्रबंधन के क्षेत्र में नई कार्यसंस्कृति, जवाबदेही और त्वरित क्रियान्वयन का परिचायक बन रहा है। जमीनी निरीक्षण, तकनीकी समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी संचालन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश के गांवों में पेयजल आपूर्ति और अधिक बेहतर, सुचारू एवं स्थायी बन सके।