जयपुर, 23 मई। प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से मिशन निदेशक श्री राजन विशाल ने शुक्रवार एवं शनिवार को सीकर जिले का दौरा कर विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं 'हर घर जल' प्रमाणन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि प्रदेश में 'हर घर जल' के संकल्प को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पूरा किया जा सके।
जल जीवन मिशन एवं अमृत 2.0 योजनाओं का निरीक्षण—
दौरे के दौरान मिशन निदेशक ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण जल योजनाओं झुन का बास, करणपुरा, सिहोट छोटी एवं लांपुवा (खंडेला) का निरीक्षण किया। इसके साथ ही अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीकर शहर के आनंद नगर में निर्माणाधीन उच्च जलाशय का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्यों की प्रगति, पूर्णता की समयसीमा तथा वितरण पाइपलाइन की ड्रॉइंग-डिजाइन संबंधी जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पाइपलाइन विस्तार, जल स्रोत विकास एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए तथा कार्यस्थलों पर नियमित तकनीकी निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
प्रत्येक ग्राम के लिए बनेगी 'सुजलम आईडी'—
श्री राजन विशाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम के लिए 'सुजलम आईडी' तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड आधारित यह व्यवस्था जल योजनाओं की मॉनिटरिंग, संचालन एवं रखरखाव को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाएगी। उन्होंने बताया कि 'सुजलम आईडी' के माध्यम से प्रत्येक योजना की तकनीकी जानकारी, जल स्रोत, पाइपलाइन नेटवर्क, लाभान्वित परिवारों, संचालन व्यवस्था एवं रखरखाव से संबंधित समस्त डाटा एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सक्रिय करने पर जोर—
मिशन निदेशक ने ग्राम स्तर पर जल योजनाओं के बेहतर संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समितियों को नियमित रूप से सक्रिय किया जाए तथा ग्रामीण समुदाय की सहभागिता बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केवल निर्माण कार्यों तक सीमित योजना नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक सहभागिता आधारित अभियान है। ग्राम स्तर पर समितियों की सक्रियता से योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा तथा ग्रामीणों में जल संरक्षण एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से जल स्रोत संरक्षण, जल गुणवत्ता निगरानी एवं योजनाओं के रखरखाव में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
'हर घर जल' प्रमाणन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश—
श्री राजन विशाल ने अधिकारियों को 'हर घर जल' प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों में प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां समयबद्ध तरीके से सत्यापन एवं प्रमाणन की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमाणन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल सेवाओं की उपलब्धता का महत्वपूर्ण संकेतक है। इसलिए सभी पात्र ग्रामों का शीघ्र सत्यापन एवं प्रमाणन सुनिश्चित किया जाए।
योजनाओं की गुणवत्ता एवं स्थायित्व पर विशेष फोकस—
मिशन निदेशक ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल पेयजल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि योजनाओं को दीर्घकाल तक टिकाऊ एवं प्रभावी बनाए रखना भी है। इसके लिए तकनीकी गुणवत्ता, नियमित रखरखाव, डिजिटल मॉनिटरिंग एवं जनसहभागिता को समान रूप से महत्व देना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति उपलब्ध हो सके।
दौरे के दौरान विभागीय अधिकारी एवं संबंधित परियोजनाओं से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।