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Rajasthan / साइबर अपराध नियंत्रण को और सुदृढ़ बनाने की पहल मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास पहुंचे पुलिस मुख्यालय, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और R4C की व्यवस्थाओं को परखा

साइबर अपराध नियंत्रण को और सुदृढ़ बनाने की पहल मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास पहुंचे पुलिस मुख्यालय, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और R4C की व्यवस्थाओं को परखा
Dinesh Bhatt May 29, 2026 10:36 AM IST
जयपुर, 28 मई। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास गुरुवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने साइबर अपराध नियंत्रण एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली को लेकर उच्चस्तरीय बैठक ली। इस दौरान पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास और अतिरिक्त मुख्य सचिव(गृह) श्री भास्कर ए.सावंत का स्वागत किया।
 
बैठक में साइबर अपराधों की समीक्षा
 
मुख्य सचिव ने राजकीय अवकाश के दिन ढाई घंटे से अधिक समय देकर साइबर क्राइम सेल की संरचना एवं कार्यविधि तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी प्रदान किया।
 
मुख्य सचिव ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के संचालन, कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम एवं साइबर अपराधों की जांच प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन 1930 को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए तथा इसके लिए अगले 30 दिनों में विस्तृत पॉलिसी प्लान के इम्प्लीमेंटेशन का लक्ष्य निर्धारित कर कार्यवाही की जावे।
 
मुख्य सचिव ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सुनी समस्याएं
 
इस दौरान मुख्य सचिव ने पुलिस मुख्यालय में सायबर अपराधों के लिए स्थापित साइबर क्राइम हेल्पलाइन का भी निरीक्षण किया और कई लाइव कॉल्स को सुना। उन्होंने देखा कि किस प्रकार साइबर अपराधों की शिकायतें दर्ज हो रही हैं तथा एफआईआर और जांच की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ रही है। एडीजी (साइबर क्राइम) श्री वीके सिंह ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
 
मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई के लिए तकनीकी क्षमता एवं समन्वय को और मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान साइबर क्राइम एंड ऑपरेशन सेंटर (R4C) को शीघ्र पूर्ण रूप से ऑपरेशनल किया जाए। इसके साथ ही मौजूदा कॉल सेंटर सिस्टम में आवश्यक सुधार किए जाएं ताकि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और तेज एवं प्रभावी हो सके।
 
बैठक में दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश—
 
साइबर अपराध के प्रत्येक पीड़ित को तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए उपलब्ध टेलीफोन लाइनों एवं कॉल ऑपरेटरों की संख्या आगामी 15 जून तक बढ़ाई जाएगी।
 
साइबर अपराध रिपोर्टिंग एवं शिकायत निवारण की गुणवत्ता सुधार के लिए मासिक रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।
 
प्रदेश के साइबर थानों को प्रतिदिन अपनी उपलब्धियों एवं कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए
 
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाया जाएगा।
 
इस मौके पर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के 41 साइबर सुरक्षा पुलिस स्टेशनों के बेहतर प्रदर्शन के लिए मासिक समीक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी तथा संबंधित अधिकारियों के साथ विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा साइबर अपराध रिपोर्ट होने और संबंधित बैंक खातों को ब्लॉक करने के बीच लगने वाले समय का भी गहन विश्लेषण किया जाएगा ताकि पीड़ितों को त्वरित राहत मिल सके।
 
मुख्य सचिव ने विश्वास जताया कि अगले 30 दिनों में साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था में सकारात्मक और प्रभावी परिणाम देखने को मिलेंगे।
 
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए. सावंत, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा, एडीजी साइबर क्राइम श्री वीके सिंह, एडीजी श्री भूपेंद्र साहू, डीआईजी श्री शांतनु सिंह, एसपी श्री सुमित मेहरड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे
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