जयपुर, 17 अगस्त। पशुपालन, गौपालन एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत तथा गृह, पशुपालन और गोपालन राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढम ने जयपुर स्थित हिंगोनिया गौशाला पुनर्वास केंद्र में गौवंश की बेहतर चिकित्सा और उन्नत देखभाल के लिए अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर का विधिवत भूमि पूजन कर शिलान्यास किया और दूरदराज के पशुओं के त्वरित उपचार हेतु मोबाइल पशु रोग निदान प्रयोगशाला वाहन का लोकार्पण कर उसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
हिंगोनिया गौशाला में बनने वाले इस विशिष्ट केंद्र से नेत्र संबंधी रोगों, मोतियाबिंद तथा दृष्टिहीनता से पीड़ित गौवंश को आधुनिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी वहीं अत्याधुनिक जांच उपकरणों से लैस यह मोबाइल प्रयोगशाला वाहन गांव-गांव और गौशालाओं तक पहुंचकर बीमार पशुओं के रक्त, दूध व अन्य जैविक नमूनों की ऑन-द-स्पॉट जांच कर त्वरित निदान एवं उपचार सुनिश्चित करेगा।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और उनके स्वास्थ्य सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पशुपालकों की आय बढ़ाने और पशुधन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर नई पहल कर रही है। हिंगोनिया गौशाला में नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल पशुधन संरक्षण और पशुपालकों के हित में मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि गौमाता की सेवा हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। इस अवसर पर पशुपालन मंत्री ने कहा कि नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी केंद्र के माध्यम से पशुओं में होने वाले विभिन्न नेत्र रोगों की विशेषज्ञ स्तर पर जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि हमारा यह प्रयास रहेगा कि इस तरह का स्पेशियलिटी सेंटर चरणबद्ध रूप से संभाग स्तर पर तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि मोबाइल पशुरोग निदान प्रयोगशाला वाहन पशु चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक जांच सुविधाओं से युक्त इस वाहन के माध्यम से पशुओं में होने वाले रोगों की मौके पर ही जांच एवं त्वरित निदान किया जा सकेगा। इससे रोगों की समय रहते पहचान, उपचार तथा पशुधन में रोगों के प्रसार की रोकथाम में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि सीएसआर के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने विभाग को मोबाइल पशुरोग निदान प्रयोगशाला वाहन उपलब्ध कराया है जिसके लिए जयपुर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा का पशुपालन मंत्री ने धन्यवाद किया जिनके प्रयासों से यह संभव हो पाया।
इस अवसर पर पशुपालन राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि पशुधन हमारे ग्रामीण अर्थतंत्र की महत्वपूर्ण आधारशिला है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने पशुधन के संरक्षण, संवर्द्धन एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई स्तरों पर बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि नेत्र चिकित्सा स्पेशिलिटी सेंटर के खुलने से पशुओं के नेत्र संबंधी रोगों का विशेषज्ञ स्तर पर उपचार संभव होगा। पशुधन के उपचार में समय पर रोग की पहचान और विशेषज्ञ चिकित्सा अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंगोनिया में नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर के माध्यम से पशुओं को विशिष्ट नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है।
राज्य मंत्री श्री बेढम ने कहा कि मोबाइल पशुरोग निदान प्रयोगशाला विभाग की रोग निदान व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगी। इसका उद्देश्य रोगों की शीघ्र पहचान, त्वरित उपचार एवं प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। विभाग आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ सेवाओं को पशु चिकित्सा तंत्र से जोड़कर पशुपालकों को अधिक प्रभावी एवं सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मोबाइल पशुरोग निदान प्रयोगशाला वाहन के माध्यम से पशुपालकों को उनके क्षेत्र में ही त्वरित रोग निदान की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव श्री विकास सीताराम भाले, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ सुरेश चंद मीना, हिंगोनिया गौशाला के संचालक श्री रघुपतिदास तथा राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज (राउवास) के डीन डॉ धर्मसिंह मीना भी उपस्थित थे। मुख्य अतिथियों ने इस अवसर पर गौपूजन कर गौशाला परिसर में पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम के अंत में विभाग के निदेशक डॉ मीना ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, पशु चिकित्सक, हिंगोनिया गौशाला के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि राज्य का पहला नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर राजूवास में बनाया जा रहा है। आज प्रदेश के दूसरे नेत्र चिकित्सा स्पेशियलिटी सेंटर का शिलान्यास हिंगोनिया गौशाला में किया गया।