Breaking News

Dr Arvinder Singh Udaipur, Dr Arvinder Singh Jaipur, Dr Arvinder Singh Rajasthan, Governor Rajasthan, Arth Diagnostics, Arth Skin and Fitness, Arth Group, World Record Holder, World Record, Cosmetic Dermatologist, Clinical Cosmetology, Gold Medalist

Rajasthan / ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम राजीविका महिला सशक्तीकरण का रोल मॉडल रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ला रही बड़ा सामाजिक बदलाव

ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम  राजीविका महिला सशक्तीकरण का रोल मॉडल रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ला रही बड़ा सामाजिक बदलाव
Aayushman Bhatt May 21, 2026 08:58 AM IST

 

जयपुर, 20 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बांसवाड़ा के कुशलगढ़स्थित चुड़ादा गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम मेंराजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया।उन्होंने कहा कि राजीविका महिला सशक्तीकरण का रोल मॉडल है। इसके माध्यम से गांव की महिलाएं लाखों - करोड़ रुपये के करोबार से जुड़कर सशक्त हो रही हैं। ये ना केवल रोजगार उपलब्ध करवा रहा है, अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ा सामाजिक बदलाव भी ला रहा है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार महिला, युवा, किसान और मजदूर के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इन वर्गों के जीवन स्तर में सुधार होने से ही गांव, तहसील, जिला, प्रदेश और देश का विकास सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उनके गरिमापूर्ण जीवन के लिए प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर महिलाओं और बेटियों के जीवन में खुशहाली लाने का कार्य किया है। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। इस अधिनियम को और सशक्त करने की प्रधानमंत्री ने हाल ही में पहल की, लेकिन विपक्ष ने राजनीति के चलते इस बिल को संसद में पारित नहीं होने दिया।

 

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है। मा वाउचर योजना के अंतर्गत आज महिलाओं को फ्री सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। बालिकाओं को 13 लाख से अधिक साइकिलों और 44 हजार से अधिक स्कूटियों को वितरित कर लाभान्वित किया गया है। वहीं, मातृ वंदन योजना में राशि 5 हजार से बढ़ाकर 6,500 रुपये की गई है औरलाडो प्रोत्साहन योजना में बालिकाओं के जन्म पर 1 लाख 50 हजार रुपये का सेविंग बॉण्ड भी दिया जा रहा है। इसी प्रकार, 1 करोड़ से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क सेनेटरी नेपकिन वितरित किए गए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना से महिलाओं के जीवन स्तर में निरंतर सुधार आ रहा है। यह महिलाओं की आत्मनिर्भरता की प्रतीक बन गई है। प्रदेश की 22 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से लगभग 17 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। डूंगरपुर और बांसवाड़ा में भी महिलाओं ने इस योजना का बढ़-चढ़ कर भाग लिया है। उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं स्वयं भी आगे बढ़ें और राजीविका के समूहों से औरों को भी जोड़ें। वे छोटी पूंजी से अपने बड़े सपनों को साकार करें। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की दुनिया में विशेष पहचान है। जनजातीय लोगों ने प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति को संजोए रखा है।उनके गांव-ढ़ाणी का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

 

मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को चैक भी सौंपे। इस दौरान उन्होंने वन धन मैनेजर विधिका के आग्रह पर बांसवाड़ा में राजीविका बहनों के लिए सीएलएफ कार्यशाला बनवाने एवं क्लस्टर मैनेजर धर्मिष्ठा पण्ड्या के अनुरोध पर उत्पादों की पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने के लिए जिला कलेक्टर को निर्देश दिए। इससे पहले स्थानीय कलाकारों ने आदिवासी अंचल के पारंपरिक लोक नृत्य के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आदिवासी बंडी (जैकेट) एवं तीर-कमान भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी किया गया।

 

कार्यक्रम में जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, विधायक कैलाशचन्द्र मीणा, शंकरलालडेचासहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नारी शक्ति व ग्रामीण मौजूद रहे।

 

मुख्यमंत्री से राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव

मैं ऑर्गेनिक व कैमिकल मुक्त प्रोडक्ट का निर्माण करती हूं। मैं 15 से 20 हजार मासिक कमा रही हूं। राजीविका में जुड़ने से मुझे आगे बढ़ने का अवसर मिला। 

 

-वन धन मैनेजर गुणवति निनामा 

 

बिजनेस कॉरेसपोन्डेंट सखी की ट्रेनिंग लेकर मैं आज 15 लाख से अधिक का ट्रांजेक्शन कर रही हूं, जिसमें लगभग 15 हजार मासिक की आय हो रही है। अब मेरे क्षेत्र के लोगों को बैंक की लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं रही। मेरी महिलाओं से अपील है कि वे भी समूह से जुड़ें और आगे बढ़ें। 

 

-बीसी सखी निर्मला

 

गांव-शहरों में हम ऑर्गेनिक प्रोडक्ट सेल कर रहे हैं। ये सभी प्रोडक्ट हाथों से बने हुए हैं। मेरी आज 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह आय है। आर्थिक स्थिति मजबूत होन से मैंने अपनी कमाई से मकान का निर्माण भी कराया है। 

 

-वन धन मैनेजर विधिका

 

राजीविका ने मुझे नई पहचान दी है। लोग मुझे लखपति दीदी के नाम से जानने लगे हैं। मेरे क्लस्टर में साथ 8 हजार 200 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। 

 

- क्लस्टर मैनेजर धर्मिष्टा पण्ड्या

 

मैं बैंक में खाते खुलवाने और लोन दिलवाने का कार्य करती हूं। अब तक 280 से अधिक महिलाओं को लोन दिलवा चुकी हूं। आज मेरी 10 से 15 हजार रुपये मसिक की आय है।

 

-बीसी सखीसरला बारिया 

  • fb-share
  • twitter-share
  • whatsapp-share

Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk
#

RELATED NEWS