जयपुर, 12 मई । शासन सचिव, आयोजना, सांख्यिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभागीय प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने जन आधार में नाम जोड़ने, हटाने एवं शुद्धिकरण से संबंधित रिजेक्शन प्रकरणों का विस्तृत विश्लेषण कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम रूप में आमजन तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया। साथ ही प्रदेश के सभी ई मित्रों को व्हाट्सएप के माध्यम से नाम परिवर्तन प्रक्रिया की जानकारी साझा करने के निर्देश दिए, जिससे अधिकाधिक आमजन को इसका लाभ मिल सके।
उन्होंने जिला-वार लंबित प्रकरणों के पृथक्करण (सेग्रीगेशन) तथा परिवादों के व्यवस्थित कारणों की जांच करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। बैठक में मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित परिवेदनाओं का भी विश्लेषण किया गया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने परिवेदनाओं के सही श्रेणी निर्धारण एवं उचित मैपिंग सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
डॉ. सुरपुर ने कहा कि संपर्क पोर्टल के प्लेटफॉर्म पर अपनाई गई मूल कारण विश्लेषण (Root Cause Analysis) की कार्यप्रणाली समस्याओं के वास्तविक कारणों की पहचान कर उनके स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस दृष्टिकोण के माध्यम से केवल शिकायतों के तात्कालिक निस्तारण के बजाय उनके मूल कारणों का विश्लेषण कर दीर्घकालिक सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं। इससे सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ आमजन का विश्वास भी सुदृढ़ हो रहा है।
सुशासन के संकल्प को साकार करने की दिशा में आयोजित इस समीक्षा के दौरान शासन सचिव ने संपर्क केंद्र में उपस्थित रहकर परिवादियों से संवाद भी किया। उन्होंने परिवादी पंकज भट्ट द्वारा अपने दिव्यांग भाई का आधार कार्ड बनवाने एवं पेंशन प्रारंभ करवाने संबंधी परिवेदना, श्यामलाल द्वारा अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में आधार, जन आधार एवं मोबाइल नंबर अपडेट करवाने संबंधी प्रकरण तथा शिवंभ द्वारा ई-मित्र से संबंधित परिवेदना पर अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के आयुक्त एवं विशिष्ठ शासन सचिव श्री हिमांशु गुप्ता ने भी परिवादियों से संवाद किया। उन्होंने परिवादी आशु चौधरी की ई-मित्र आईडी बंद करवाने तथा हंसराज के जन आधार में बैंक खाता अपडेट करवाने संबंधी परिवेदनाओं पर अधिकारियों को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में आयोजना एवं सांख्यिकी विभाग से संबंधित कुल 83 हजार 337 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 81 हजार 075 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। विभाग में शिकायतों का औसतन निस्तारण 14 दिवस में किया जा रहा है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग से संबंधित कुल 15 हजार 586 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 15 हजार 105 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 96 प्रतिशत है। शिकायतों का औसतन निस्तारण 16 दिवस में किया जा रहा है। इस अवसर पर श्री विनेश सिंघवी, निदेशक एवं संयुक्त सचिव सांख्यिकी विभाग , श्री निर्मल कुमार सेठी, निदेशक, जन आधार प्राधिकरण सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।