जयपुर, 17 अगस्त। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य कौशल एवं उद्यमिता समिति की प्रथम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राज्य में युवाओं के कौशल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में राज्य के 41 जिलों में किए गए मैनपावर मांग-आपूर्ति, स्किल सेट मैपिंग एवं स्वरोजगार के लिए सरकार से अपेक्षित सहायता सहित ‘स्किल गैप असेसमेंट’ अध्ययन की समीक्षा की गई। इस दौरान निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को जिलावार एवं क्षेत्रवार कौशल मांग के अनुरूप तैयार किया जाए तथा स्थानीय उद्योगों से सीधे जोड़कर युवाओं को उद्योग की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
'पीएम इंटर्नशिप योजना' के अंतर्गत युवाओं के चयन एवं कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग को कंपनियों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने तथा निर्धारित '20 कंपनियों के ऑनबोर्डिंग लक्ष्य' को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में 'अप्रेंटिसशिप' की प्रगति की प्रत्येक माह तुलनात्मक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। इसके अंतर्गत पूर्व माह की तुलना में हुई प्रगति, उपलब्धियां एवं लंबित प्रकरणों का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, 'राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना’ के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा घोषित 2500 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त डीबीटी टॉप-अप सहायता’’ को शीघ्र लागू करने के लिए राज्यांश के वितरण हेतु पेमेंट मॉड्यूल के विकास एवं संचालन की समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
पीएम विश्वकर्मा योजना की समीक्षा के दौरान उद्योग विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण में रुचि नहीं रखने वाले प्रशिक्षणार्थियों को डेटा पोर्टल से हटाने की आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा शेष अभ्यर्थियों के उपयुक्त बैच गठित कर प्रशिक्षण शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
बैठक में जयपुर में लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विश्वस्तरीय ‘अटल बिहारी वाजपेयी ग्लोबल सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किलिंग’’ की डीपीआर तैयार करने के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके लिए देश में संचालित प्रमुख उन्नत कौशल विकास मॉडलों का अध्ययन कर उनके श्रेष्ठ प्रचलनों को प्रस्तावित केंद्र की कार्ययोजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘नल जल मित्र’ प्रशिक्षण के संबंध में पंचायत समिति-वार प्रशिक्षणार्थियों की सूची तैयार करने तथा उसके अनुरूप प्रशिक्षण के लिए आवश्यक अग्रिम राशि उपलब्ध कराने हेतु पंचायती राज विभाग से समन्वय कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग द्वारा लघु अवधि पाठ्यक्रम, प्रमाणीकरण एवं कौशल विकास केंद्रों के उपयोग के संबंध में कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के साथ एमओयू करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कार्य-बिंदुओं को प्राथमिकता एवं समयबद्धता के साथ लिया जाए तथा संबंधित विभाग आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
बैठक में आयुक्त, उद्योग विभाग, आयुक्त, कॉलेज शिक्षाय आयुक्त, कृषि विभाग, आयुक्त, कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभागय अतिरिक्त आयुक्त, श्रम विभाग, महाप्रबंधक, आरएसएसडीसी निदेशक (प्रशिक्षण), संयुक्त निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, संयुक्त निदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, संयुक्त निदेशक, रोजगार विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।