जयपुर, 13 मई। विश्व सिंधी हिंदू फाउंडेशन ऑफ एसोसिएशंस (VSHFA) ने मुंबई में प्रथम जनरल बॉडी मीटिंग एवं यूथ सम्मेलन का आयोजन किया। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष, संगठन के मुख्य संरक्षक और सिंधी समाज के प्रमुख नेता श्री वासुदेव देवनानी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधी समाज की एकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज सदैव एकजुट रहा है और इसी एकता में उसकी सबसे बड़ी शक्ति निहित है।
श्री देवनानी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे ‘AI के युग में कल्चरल इंटेलिजेंस और सोल डेवलपमेंट को अपनाएं। उन्होंने कहा कि
मुंबई में आगामी ‘वर्ल्ड यूथ सेमिनार 2026’ की तैयारियों के दौरान युवा सशक्तिकरण, तकनीकी प्रगति और भारतीय संस्कृति के संतुलन पर जोर दिया जाना आवश्यक है।
स्किल डेवलपमेंट के साथ सोल डेवलपमेंट —
श्री देवनानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि आधुनिक युग में केवल तकनीकी कौशल पर्याप्त नहीं हैं। युवाओं को “तकनीक में आधुनिक और आत्मा से भारतीय” बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के युग में प्रोफेशनल ट्रेनिंग, नवाचार, स्वरोजगार और डिजिटल स्किल्स पर फोकस होना बेहद ज़रूरी है। इसके साथ ही युवाओं को सोल डेवलपमेंट: चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्य, आध्यात्मिक विकास और सकारात्मक सोच पर बल देना ज़रूरी है । उन्होंने जोर दिया कि ज्ञान + कौशल + संस्कार का त्रिवेणी संयोग ही विकसित भारत 2047 का मजबूत आधार बनेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाम कल्चरल इंटेलिजेंस —
श्री देवनानी ने कहा कि एआई मशीनों को स्मार्ट बना रहा है, लेकिन सांस्कृतिक बुद्धिमत्ता (Cultural Intelligence), संवेदना, नैतिकता और भारतीय दर्शन ही मानवता को दिशा देगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रामायण, गीता और सनातन परंपराओं का अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि इनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जीवन मूल्य दोनों हैं।
राजनीति, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण —
श्री देवनानी ने युवाओं से अपील की कि वे जातिवाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर “राष्ट्र प्रथम” की भावना अपनाएं।वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर चलें और सहनशील, शिक्षित तथा मूल्य-आधारित राजनीति में भाग लें। दूसरों को गिराकर आगे न बढ़ें; सकारात्मक और निर्मल राजनीति का रास्ता चुनें। उन्होंने युवाओं की नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और पॉलिटिक्स में सकारात्मक भूमिका और पार्टिशन की मानसिकता से मुक्ति पर विशेष चर्चा की।
श्री देवनानी ने सिंधी युवाओं को विशेष संदेश देते हुए कहा कि सिंधी युवा भारत की अखंडता और एकता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आज का युवा देश की प्रगति, अखंडता और सामाजिक सद्भाव का आधार स्तंभ है। वे अपने ज्ञान, कौशल, समर्पण और राष्ट्रप्रेम से राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी विजन और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (आयुष्मान भारत, स्टार्टअप इंडिया, शिक्षा, रोजगार एवं किसान कल्याण) की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा ये योजनाएं सिंधी समुदाय सहित पूरे देश को सशक्त बना रही हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सिंधी समाज के युवा, बुजुर्ग और गणमान्य व्यक्तियों को उन्होंने ‘जिये सिंध, वदे हिंद, का नारा दिया जिसने पूरा माहौल गूंजा दिया।
इस अवसर पर श्री शंकर लालवानी (सांसद), डॉ. गुरमुख जगवानी (नेशनल प्रेसिडेंट), डॉ. पीतांबर (पीटर) धलवानी (नेशनल ट्रेजरर), सतेन्द्र कुमार भावनानी (जॉइंट ट्रेजरर), भारत दुदानी (CA), किशोर कुमार पारवानी (सेक्रेटरी), डॉ. राजू वी. मनवानी (नेशनल जनरल सेक्रेटरी), हीरालाल लोखचंदानी (जॉइंट सेक्रेटरी), कुमार लीलानी, वीरेंद्र कुकरेजा, दिलीप लखानी, राजू खेतवानी, डॉ. पहुझा, निर्मला वाधवानी, महेश मालकानी एवं एस. कुमार सहित बॉलीवुड से रमेश तोरानी, जैकी श्रॉफ, पलक मुच्छल, मिथुन, रेमो डिसूजा और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।