जयपुर, 13 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जालौर के पंसेरी में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों एवं पशुपालकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया है, ताकि राजस्थान मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित हो। इसी क्रम में हमारी सरकार मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान संचालित कर राज्य की प्रत्येक पंचायत के सुनियोजित विकास का ब्लू प्रिंट तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली-पानी की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। किसानों की सिंचाई जरूरतों की पूर्ति के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना के कार्यों को गति प्रदान की है। यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना एवं गंगनहर का सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही तथा देवास परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सोम-कमला-अंबा परियोजना के माध्यम से जवाई बांध में जल आएगा, जिससे जालौर, पाली और सिरोही के लोगों को पानी की आपूर्ति भी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 जिलों के किसानों को दिन के समय में बिजली आपूर्ति की जा रही है, जो कि वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसान ड्रिप-स्प्रिंकलर से सिंचाई करें, जैविक खेती को अपनाएं तथा रासायनिक खाद का उपयोग करने से बचें। युवा पीढ़ी भी अधिक से अधिक संख्या में कृषि से जुड़े और इसे रोजगार का साधन बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशुपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना एवं मंगला पशु बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना में 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान देते हुए दुग्ध संकलन केन्द्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। वहीं, पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल यूनिट वैन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सम्मान निधि देने के साथ ही गेहूं खरीद पर 150 रुपये का बोनस भी दिया जा रहा है। पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसलों के नुकसान पर क्लेम का त्वरित भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बदलावों को अपनाना बेहद जरूरी है। स्थानीय क्षेत्र की पैदावार के अनुसार प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएं, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए 23 से 25 मई तक ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम-2026) का आयोजन करने जा रही है। इसी कड़ी में प्रदेशभर में ग्राम विकास रथों का संचालन किया जा रहा है।
ग्राम विकास चौपाल में मुख्यमंत्री ने उन्नत किसानों से विभिन्न नवाचारों पर संवाद किया। किसान कलाराम चौधरी, प्रभाराम चौधरी, मानाराम चौधरी, चोपाराम चौधरी, त्रिभुवन सिंह राजपूत, रेखाराम चौधरी, रणछोड़ाराम चौधरी तथा पशुपालक जगाराम ने अपने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं के संचालन के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, जीवाराम चौधरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।