जयपुर, 04 अप्रेल। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने शनिवार को कोटा जिले की भामाशाह कृषि उपज मंडी का दौरा कर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंडी में गेहूं तुलाई के लिए पहुंचे किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं पूछी। कम गुणवत्ता वाले गेहूं को एफसीआई द्वारा रिजेक्ट किए जाने की किसानों की शिकायत पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय मानकों में शिथिलता की अनुमति लेकर ऐसे किसानों का गेहूं तुलवाया जाए, ताकि उन्हें वर्षभर की अपनी मेहनत का प्रतिफल मिल सके।
श्री नागर ने एफसीआई के खरीद केन्द्र पहुंचकर पंजीयन के बाद किसानों को की गई स्लॉट बुकिंग और उसके अनुसार हो रही गेहूं तुलाई की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने गेहूं तुलाई की प्रक्रिया में तेजी लाने, पंजीयन कराने वाले किसानों की सहमति प्राप्त करने, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध रखने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रतिदिन गेहूं खरीद की भामाशाह मंडी की क्षमता बढ़ाकर दुगुनी करने के निर्देश दिए।
भामाशाह मंडी में गेहूं तुलाई के लिए आए जलोदा खातियान गांव के किसान चौथमल ने ऊर्जा मंत्री को अपने गेहूं की ढेरी के पास ले जाकर उन्हें गेहूं दिखाया और कहा कि उसका गेहूं कम गुणवत्ता का बताकर रिजेक्ट कर दिया गया है जबकि कुछ दिनों में उसके घर में शादी है और पैसों का इंतजाम करना है। ऊर्जा मंत्री ने क्रय केन्द्र पर उपस्थित अधिकारियों को संवेदनशीलता दिखाते हुए किसान चौथमल के गेहूं की तुलाई करने के निर्देश दिए ताकि फसल का पैसा मिलने पर वह अपनी जरूरत पूरी कर सके।
इस दौरान कृषि उपज मंडी सचिव के कक्ष में आयोजित बैठक में ऊर्जा मंत्री ने खाद्य सचिव श्री अम्बरीश कुमार, सहकारिता सचिव डॉ. समित शर्मा, जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया, एमडी राजफैड श्री सौरभ स्वामी, कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी सहित अन्य अधिकारियों के साथ पंजीयन के बाद किसानों को गेहूं तुलाई में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के समाधान को लेकर चर्चा की। उन्होंने बायोमेट्रिक प्रक्रिया को लेकर किसानों को अधिक से अधिक जागरूक करने एवं बटाई पर की गई खेती की फसल की खरीद की प्रक्रिया के बारे में सभी को जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान बुजुर्ग होने के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए नहीं आ पाए तो, परिवार के किसी और सदस्य को बुलाकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाए।
बैठक में मंडी से गेहूं के उठाव की समस्या तथा एफसीआई अधिकारियों द्वारा मंडी में तुलाई के बाद गोदाम पहुंचे ट्रक में रखा गेहूं रिजेक्ट किए जाने की समस्या पर चर्चा करते हुए उसके समाधान के बारे में निर्देश दिए गए। ऊर्जा मंत्री ने भंडारण की समस्या के समाधान के लिए निजी वेयर हाउस एवं सहकारिता विभाग सहित अन्य सरकारी वेयर हाउस की लिस्ट तैयार कर उनसे समन्वय स्थापित करने और आवश्यकता पड़ने पर इन गौदामों को उपयोग में लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी से गेहूं का उठाव समय पर हो, गोदामों के बाहर गाडियां खडी नहीं रहें और समय पर गेहूं खाली हो जाए इसके लिए पर्याप्त भंडारण एवं ट्रांसपोर्टेशन के लिए रैक लगाने की प्लानिंग की जाए। उन्होंने एफसीआई के अधिकारियों को बारदाने की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया की तैयारी करने एवं सभी एजेन्सियों को निर्धारित लक्ष्य से दुगने गेहूं खरीद की तैयारियां रखने के निर्देश दिए।
बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव श्री अम्बरीश कुमार ने कहा कि 6 अप्रेल से कोटा-बूंदी जिले में सभी खरीद केन्द्रों पर गेहूं की खरीद शुरू करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया किसानों को स्लॉट बुकिंग के समय ही यह बता दिया जाएगा कि उन्हें गेहूं की तुलाई के लिए किस सप्ताह में आना है। स्लॉट बुकिंग से दुगुनी खरीद की तैयारियां सभी क्रय केन्द्रों पर रखी जाएंगी और अतिरिक्त गेहूं खरीद के लिए बारदाने की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन वाले सभी किसान गेहूं की तुलाई के लिए तय स्लॉट के अनुसार नहीं पहुंच रहे हैं ऐसे में प्रतिदिन स्लॉट बुकिंग के तय लक्ष्य से दुगनी तुलाई की भी व्यवस्था रखी जाएगी, ताकि किसी दिन अधिक संख्या में किसानों के पहुंचने पर भी तुलाई की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न ना हो।
बैठक में संभागीय आयुक्त श्री अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया, कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अविनाश राठी सहित एफसीआई, राजफैड, तिलम संघ, सहकारिता, रसद विभाग आदि के अधिकारी उपस्थित रहे।