जयपुर, 5 जून। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को कोटा में थर्मल कॉलोनी स्थित इलेक्टर हॉस्टल में ऊर्जा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में कोटा संभाग के अंतर्गत विद्युत विभाग के सर्विस, ट्रांसमीटर, वितरण और उत्पादन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के मौसम से पहले बिजली की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए। इसके लिए यदि कहीं पर भी तकनीकी फाल्ट आने की संभावना नजर आती है, तो उसे अभी से चिन्हित कर तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और आपात स्थिति में त्वरित पुनर्स्थापन के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
ऊर्जा मंत्री ने आमजन और पशुधन की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संभाग में दुर्घटनाओं की संभावना वाली सभी लाइनों और खंभों को अविलंब ठीक किया जाए ताकि हादसों में कमी लाई जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि झूलते हुए तारों को कसा जाए, टेढ़े-मेढ़े पोल दुरुस्त किए जाएं और सड़कों व भवनों के ऊपर से गुजरने वाली हाई रिस्क लाइनों की गंभीरता से समीक्षा कर समाधान निकाला जाए। इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वृक्षों की कटाई-छंटाई का कार्य समय पर पूरा करने को कहा गया ताकि आंधी-तूफान के समय व्यवधान न हो।
कृषि एवं अन्य नवीन कनेक्शनों में तेजी लाने के निर्देश—
ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि जिन कृषि कनेक्शनों के डिमांड नोट जमा हो चुके हैं, उन्हें शीघ्र विद्युत कनेक्शन जारी किए जाएं। ऑनलाइन प्राप्त होने वाले आवेदनों, औद्योगिक और घरेलू व अघरेलू कनेक्शनों के लंबित मामलों की भी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि बारां जिले के शाहाबाद, किशनगंज और छबड़ा में दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 220 केवी का जीएसएस तैयार किया जा रहा है। संभाग के अन्य सभी स्थानों पर वर्तमान में दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
जनसमस्याओं का हो त्वरित निस्तारण और योजनाओं की समीक्षा—
ऊर्जा मंत्री ने फाल्ट रेक्टिफिकेशन टीम (एफआरटी) के कामकाज और कॉल सेंटर व संपर्क पोर्टल (181) पर दर्ज होने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान की रफ्तार पर भी चर्चा की। उन्होंने एफआरटी से जुड़ी शिकायतों को तुरंत दूर करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में पीएम सूर्य घर योजना, कुसुम प्रोजेक्ट, स्मार्ट मीटर स्थापना और बिजली चोरी रोकने हेतु सतर्कता गतिविधियों (विजिलेंस) की भी गहन समीक्षा की गई।
बैठक में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता वाई.के. ऐरन, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता के.के. मीणा, कोटा जोन के मुख्य संभागीय मुख्य अभियंता जी.एस. बैरवा सहित कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के अधीक्षण अभियंता एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।