जयपुर, 10 अप्रेल। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने कोटा के पास स्थित मंदरगढ़ को पुरातत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए वहां धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदरगढ़ में छठी शताब्दी के करीब 150 प्राचीन मंदिर हैं और यह क्षेत्र प्राकृतिक सौन्दर्य से आच्छादित है। इसे पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने और वहां के मंदिरों के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना बनाई जाए।
श्री दिलावर शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में पिछले माह में आयोजित अपनी 4 दिवसीय पदयात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों से प्राप्त परिवादों और उनकी समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी ली। श्री दिलावर ने कहा कि पदयात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में ग्रामीणों ने श्मशान के विकास, बिजली, पानी की समस्याओं के समाधान, खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने जैसी समस्याओं के समाधान की मांग रखी थी। अधिकारी इन्हें गंभीरता से लेते हुए समय पर समाधान कर ग्रामीणों को राहत दे। उन्होंने कहा कि सभी श्मशान घाट, खेल मैदान, सड़क, नाली आदि से संबंधित कार्य समय पर पूरे किए जाए। स्कूलों एवं श्मशान के लिए पट्टों के आंवटन प्रस्ताव तैयार कर उन्हें पट्टे दिए जाए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकारी अधिकारी उन तक पहुंचें और योजनाओं का लाभ उन्हें दिया जाए। उन्होंने घुमन्तु लोगों को चिन्हित कर उनके घुमन्तु पहचान पत्र बनाने एवं उन्हें पट्टे देने में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए। पदयात्रा के दौरान जिन गांवों में आंगनबाडी एवं बालवाडी बनाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, उन पर की गई कार्यवाही के बारे में महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक सीता शर्मा से जानकारी ली। उन्होंने भामाशाहों के सहयोग से जर्जर आंगनबाडियों की मरम्मत के निर्देश दिए।
श्री दिलावर ने केडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाडपुरा तहसील के जो गांव केडीए के क्षेत्राधिकार में आए है वहां विकास कार्य मांग के अनुरूप किए जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से जिन गांवों में सड़के नहीं हैं वहां सड़क बनाने से संबंधित प्रस्तावों के बारे में जानकारी ली। पीएचईडी अभियंताओं से गांवों में हैण्डपम्प मरम्मत, ट्यूबवेल खुदाई की स्वीकृति के बारे में पूछा। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सीएचसी, पीएचसी पर चिकित्सकों एवं दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी ली। सहकारिता विभाग के अधिकारियों से पीएम किसान सम्मान निधि के तहत आए आवेदनों के निस्तारण के बारे में जानकारी ली। श्रम विभाग के अधिकारियों को श्रमिक डायरी बनाने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पदस्थापित अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर ही रहें।
उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहे। पीएचसी, सीएचसी, उप स्वास्थ्य केन्द्र पर आने वाले ग्रामीणों को समय पर इलाज मिले, किसानों की समस्याओं का समाधान हो, ग्रामीणों को पेयजल संबंधी समस्या का सामना नहीं करना पड़े और बिजली से संबंधित समस्याओं का समय पर समाधान हो यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गर्मी के मौसम में खराब पडे हैण्डपम्प चालू करने के निर्देश दिए।