डॉ. मिश्रा ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में जन-जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं। नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से महत्वपूर्ण स्थानों विशेषकर स्कूलों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध तकनीक आधारित चुनौती है, इसलिए इसके प्रभावी समाधान के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों की क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए दीर्घकालिक एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित की जा सके।
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बैठक में जानकारी दी कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समन्वित कार्ययोजना बनाकर राजस्थान में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शीघ्र एवं प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जा रही है ताकि आमजन को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।