जयपुर, 12 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा राजस्थान संपर्क 181 व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कॉल सेंटर का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को परिवहन विभाग के आयुक्त एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक श्री पुरुषोत्तम शर्मा ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क 181 कॉल सेंटर का निरीक्षण किया।
उन्होंने परिवहन विभाग एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम से संबंधित राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों की विस्तृत समीक्षा की तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान श्री शर्मा ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवहन एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम से संबंधित परिवादों की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम से संबंधित 26 हजार 819 परिवाद दर्ज हुए, जिनमें से 26 हजार123 का निस्तारण किया जा चुका है। इसी प्रकार परिवहन विभाग से संबंधित 15 हजार 230 परिवाद दर्ज हुए, जिनमें से 14 हजार 652 का निस्तारण किया गया तथा 578 परिवाद लंबित हैं।
श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादों के निस्तारण में और अधिक गति लाते हुए निस्तारण की स्थिति राज्य के औसत से बेहतर करने के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने औसत निस्तारण समय में लगातार सुधार लाने तथा लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने परिवहन विभाग एवं आरएसआरटीसी में अधिकारीवार लंबित परिवादों की समीक्षा की। उन्होंने अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने टाइमलाइन पेंडेंसी की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादों के निस्तारण की निर्धारित समय-सीमा पर निस्तारण किया जाए तथा अपने टाइमलाइन लक्ष्य को कम रखते हुए समय पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विषयवार परिवादों एवं उनकी प्रवृत्ति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यदि किसी शिकायत की श्रेणी सही नहीं है तो उसका आवश्यकतानुसार री-कैटेगराइजेशन किया जाए तथा उसे संबंधित अधिकारी अथवा कार्यालय को समय पर अग्रेषित किया जाए।
श्री शर्मा ने निस्तारित एवं असंतुष्ट श्रेणी के परिवादों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे परिवादों में परिवादी से समन्वय कर उसकी वास्तविक समस्या को समझा जाए। नियमानुसार राहत दिए जाने योग्य प्रकरणों में परिवादी को उचित राहत उपलब्ध करवाते हुए उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए।
परिवहन आयुक्त ने परिवादों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए परिवहन विभाग एवं आरएसआरटीसी में एक समर्पित सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सेल नियमित रूप से राजस्थान संपर्क से प्राप्त परिवादों की मॉनिटरिंग, लंबित मामलों की समीक्षा, निस्तारण की गुणवत्ता तथा परिवादियों की संतुष्टि की स्थिति का विश्लेषण करे और वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से रिपोर्ट उपलब्ध करवाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रियों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चालक, परिचालक एवं अन्य कार्मिकों के व्यवहार से संबंधित शिकायतों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक आदेश जारी करने के साथ ही संबंधित कार्मिकों को व्यवहार एवं जनसेवा से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
परिवादियों से सीधे संवाद कर लिया फीडबैक—
निरीक्षण के दौरान श्री शर्मा ने राजस्थान संपर्क 181 कॉल सेंटर के माध्यम से विभिन्न परिवादियों से सीधे दूरभाष पर संवाद कर उनकी शिकायतों की वर्तमान स्थिति, निस्तारण की गुणवत्ता एवं प्राप्त राहत के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने परिवादियों को उनकी समस्याओं के नियमानुसार समाधान के लिए आश्वस्त किया तथा मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने नागौर जिले के परिवादी श्री बहादुर से परिचालक द्वारा किए गए दुर्व्यवहार से संबंधित शिकायत पर संवाद कर मामले की जानकारी ली तथा यात्रियों के साथ शिष्ट एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार सवाई माधोपुर के परिवादी श्री हनुमान प्रसाद वर्मा से ऑनलाइन भुगतान के रिफंड से संबंधित प्रकरण में फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार रिफंड की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नागौर जिले के परिवादी श्री सुनील कुमार जांगिड़ से बस यात्रा के दौरान टिकट मशीन से संबंधित समस्या पर चर्चा कर प्रकरण की जानकारी ली गई। इसके अतिरिक्त अन्य जिलों से संबंधित परिवादियों से भी संवाद कर शिकायतों के निस्तारण एवं प्राप्त राहत के संबंध में फीडबैक लिया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर राजस्थान संपर्क, परिवहन विभाग एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।