जयपुर, 22 जून। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि ICJS 2.0 परियोजना आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक सुदृढ़, समन्वित एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संंसाधनों की पूर्ति की जाए ताकि इसका लाभ आमजन तथा न्यायिक तंत्र को प्रभावी रूप से मिल सके।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 परियोजना के क्रियान्वयन के लिए गठित समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने न्याय संहिता डैशबोर्ड पर राज्य के स्कोर कार्ड की भी समीक्षा की तथा इससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों एवं प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि राज्य के प्रदर्शन में और सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने स्टेट लेवल इंटीग्रेटेड हेल्पडेस्क को और अधिक प्रभावी बनाते हुए परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में परियोजना के विभिन्न घटकों, विभागीय समन्वय, तकनीकी आवश्यकताओं तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा, महानिदेशक कारागार श्री अशोक कुमार राठौड, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री भास्कर ए. सावंत, वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।