जयपुर, 15 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और साथिन बहनें सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन और समृद्ध राजस्थान के संकल्प के साथ कार्य कर रही हैं। महिला कल्याण और बाल विकास में इनका अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर बेटी को पोषण, शिक्षा और विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन, समृद्ध राजस्थान राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाओं के सशक्तीकरण के बिना मानवता की प्रगति अधूरी है। इसलिए उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसा महत्वपूर्ण अभियान एवं विभिन्न योजनाएं चलाई हैं, जिससे बड़ी संख्या में बालिकाएं और महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।
मुख्यमंत्री का बहनों को ‘राखी गिफ्ट’—
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन के उपहार के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों को प्रति खाते 1100 रुपये के अनुसार कुल 14.65 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र भी बांधा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 5 हजार रुपये की राशि बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये तथा दिव्यांग गर्भवती महिलाओं के लिए राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये की गई है। राज्य सरकार द्वारा मा वाउचर योजना के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे 4.82 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे बच्चे के जन्म पर मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत लगभग 6 लाख 48 हजार लाभार्थियों को लगभग 215 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पोषण के क्षेत्र में राजस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अष्टम राष्ट्रीय पोषण माह में देश में राजस्थान द्वितीय स्थान पर रहा तथा अप्रैल 2026 में अष्टम पोषण पखवाड़े के तहत राजस्थान ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 7 किस्तों में 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। इसमें अब तक पहली किस्त से 9 लाख से अधिक बालिकाएं, दूसरी किस्त से 7 लाख 73 हजार बालिकाएं तथा तीसरी किस्त से 95 हजार बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। इसी प्रकार, कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना के तहत 1 लाख से अधिक महिलाएं एवं बालिकाएं निशुल्क माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। प्रदेश में 11 लाख मेधावी बालिकाओं को साइकिल और 46 हजार को स्कूटी वितरित की गई है।
सशक्त नारी-सशक्त राष्ट्र—
उन्होंने कहा कि सशक्त नारी से ही समाज एवं राष्ट्र का सशक्तीकरण संभव है। राजीविका के माध्यम से 25 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा लगभग 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण सीमा को 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया गया है। इसमें 360 करोड़ रुपये की राशि के 3 हजार 559 ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना के अंतर्गत 2 लाख से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को डिजिटल साक्षरता एवं डिजिटल कौशल प्रदान किया गया है।
महिला सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम—
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में संचालित 181 महिला हेल्पलाइन, 266 पुलिस थानों में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र, 52 वन स्टॉप सखी केंद्रों के माध्यम से लगभग 1 लाख 31 हजार से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। इस वर्ष के बजट में महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, विभिन्न कानूनों तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए स्त्री योजना प्रारम्भ की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 62 हजार 120 आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगभग 35 लाख लाभार्थियों को पूरक पोषण एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आंगनबाड़ी सेवाओं को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए एक हजार नवीन आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के लगभग 12 लाख बच्चों को सप्ताह में 5 दिन दूध दिया जा रहा है। वहीं, राज्य में 9 हजार 336 आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन मरम्मत के कार्य करवाए जा रहे हैं। इनमें से अभी तक लगभग 66 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण किए जाएंगे। वहीं, एक हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उत्कृष्ट कार्यकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से विशिष्ट प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
विभिन्न योजनाओं में राशि डीबीटी
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं साथिन को यूनिफॉर्म के लिए 13.41 करोड़ रुपये, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीबीई एवं डाटा प्लान के लिए 16.77 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 40 हजार 538 लाभार्थियों को 23.43 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के अन्तर्गत 20 हजार 670 लाभार्थियों को 6.36 करोड़ रुपये एवं लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत 50 हजार लाभार्थियों को 14.75 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी की।
चौपाल से स्टार्टअप की बोर्ड मीटिंग तक नारी शक्ति का नेतृत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत की चौपाल से लेकर स्टार्टअप की बोर्ड मीटिंग तक भारत की नारी शक्ति का नेतृत्व दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अवसरों में वृद्धि के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्वपूर्ण पहल की।
मुख्यमंत्री ने किया किशोरी बालिका योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने राज्य के 27 आकांक्षी ब्लॉक्स में किशोरी बालिका योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत पांच लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक सौंपे। साथ ही, कैश प्लस मॉडल व्यवहार परिवर्तन रणनीति से संबंधित पुस्तक, मातृ और शिशु पोषण पर आधारित सफलता की कहानियों की संग्रह पुस्तिका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बच्चों के विकास में देरी और दिव्यांग बच्चों में संकेतकों की पहचान से जुड़ी मार्गदर्शिका और नव चेतना हैण्डबुक का विमोचन किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री का छोटे-छोटे बच्चों ने गुलाब के फूल देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों को दुलार करते हुए उन्हें चॉकलेट्स, फल और गिफ्ट्स वितरित किए। साथ ही, अपने हाथों से बच्चों को अन्नप्राशन भी करवाया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा राजस्थान बनाने का है, जहां हर बेटी को अवसर मिले, वो आत्मनिर्भर बने और हर बच्चे को पूरा पोषण मिले। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा नंद घरों और डिजिटल लर्निंग सहित अनेक नवाचारों के माध्यम से बच्चों के प्रारंभिक विकास एवं सीखने की प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं साथिन बहनें त्योहार और पारिवारिक दायित्वों के साथ बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और जरूरतमंद परिवारों की चिंता करते हुए अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करती हैं।
कार्यक्रम में सांसद राव राजेन्द्र सिंह, विधायक गोपाल शर्मा, निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और साथिन बहनें उपस्थित रहीं। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी जिलों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और साथिन बहनें इस कार्यक्रम से जुड़ीं।