जयपुर, 11 जून। पाली जिले के प्रवास के दौरान गुरुवार को पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने तख्तगढ़ के फिक्ल सलस ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का दौरा कर वहां चल रहे कार्यों का जायजा लिया। मंत्री ने प्लांट की विभिन्न इकाइयों का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमावत ने प्लांट की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने विशेष रूप से डी-वाटरिंग और स्क्रीनिंग इकाई का अवलोकन किया। मंत्री ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों से इन इकाइयों की तकनीकी क्षमता, कार्य करने के तरीके और इससे होने वाले शोधन की गुणवत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
मंत्री कुमावत ने प्लांट के निर्माण और संचालन की कछुआ चाल पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि एफएसटीपी के बचे हुए सभी तकनीकी और सिविल कार्यों को जल्द से जल्द और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को स्वच्छता का लाभ समय पर मिलना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मंत्री ने सुमेरपुर से खिंवान्दी के बीच निर्माणधीन पुलिया का निरीक्षण किया कर गुणवत्ता की जांच की तथा अधिकारियों को उचित निर्देश दिए।
इस दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कस्बों और शहरों में सीवरेज व अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। तख्तगढ़ का यह एफएसटीपी प्लांट क्षेत्र में स्वच्छता के स्तर को सुधारने और पर्यावरण संरक्षण में एक बड़ा कदम साबित होगा। इसके सुचारू रूप से शुरू होने से कस्बे के गंदे पानी और कचरे का सही वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सकेगा।