जयपुर, 5, मई, । एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर ए०सी०बी० (एस०यू०) अजमेर इकाई ने परिवादी को जारी नोटिस का फैसला परिवादी के पक्ष में करने की एवज में परिवादी से 1 लाख रूपये रिश्वत लेते हुए पीथदान चारण, सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डीडवाना-कुचामन को मंगलवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया ।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस श्री गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ए०सी०बी० (एस०यू०) अजमेर को इस आशय की एक शिकायत प्राप्त हुई कि परिवादी को राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 (यथा संशोधित 2016) की धारा 28(3) के अन्तर्गत जारी नोटिस एवं गबन के आरोप का नोटिस दिनांक 01.04.26 व 15.04.26 का फैसला परिवादी के पक्ष में करने की एवज में 1 लाख रूपये की रिश्वत मांग कर परेशान किया जा रहा था।
इस पर एसीबी, अजमेर रेंज, के उप महानिरीक्षक पुलिस श्री नारायण टोगस के सुपरविजन मे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वन्दना भाटी, भ्र०नि०ब्यूरो, एस०यू०-अजमेर के निर्देशन में श्री नरेन्द्र सिंह राठौड निरीक्षक पुलिस, ए०सी०बी० (एस०यू०) अजमेर द्वारा मय टीम के ट्रेप कार्रवाई करते हुए पीथदान चारण सहायक रजिस्ट्रार,को 1 लाख रुपये रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक श्रीमती एस.परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।