जयपुर, 24 फरवरी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ.बी.डी.कल्ला ने गुरूवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि प्रदेश में यदि कोई भी ई-मित्र (कियोस्क) निर्धारित शर्तो के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे या अधिक राशि वसूल की जाती है तो ऎसे केन्द्रों के विरूद्ध अस्थाई रूप से प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही शास्ति वसूल करने की कार्यवाही भी की जाती है।
डॉ.बी.डी.कल्ला ने प्रश्नकाल में सदस्यों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि ई-मित्र केन्द्र द्वारा अधिक राशि वसूल करने की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ समय-समय पर कार्यवाही की जाती है। उन्होंने बताया कि जोधपुर में 5 हजार 672 ई-मित्र (कियोस्क) कार्य कर रहे है, लेकिन गत दो वर्षो के दौरान कुछ केन्द्रों की विभिन्न प्रकार की शिकायतें प्राप्त होने पर जाँच की गई और वर्तमान में इन केन्द्रों की संख्या घटकर 4046 रह गई है। उन्होंने बताया कि इन दो वर्षों में जोधपुर में 1879 ई-मित्र केन्द्रों की शिकायत प्राप्त हुई, जिनमे 22 ई-मित्र केन्द्रों द्वारा अधिक राशि वसूली करने जैसी शिकायते प्राप्त होने पर इनके विरूद्ध अस्थाई रूप से प्राथमिकी दर्ज कराई गई तथा शास्ति वसूल की गई। उन्होंने बताया कि कई केन्द्रों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया है।
इससे पहले विधायक सुश्री दिव्या मदेरणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में डॉ.बी.डी.कल्ला ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 84079 ई-मित्र कियोस्क कार्यरत है। उन्होंने प्रदेश में संचालित ई-मित्र कियोस्कों की जिलेवार सूची सदन के पटल पर रखी। उन्होंने ई-मित्र परियोजना के अन्तर्गत कार्यरत कंपनियों (स्थानीय सेवा प्रदाताओं) की सूची भी सदन के पटल पर रखी। डॉ. कल्ला ने बताया कि ई-मित्र के माध्यम से सरकारी योजनाओं की सेवाएं आमजन को प्रदान की जाती है। उन्होंने ई-मित्र परियोजना के अन्तर्गत प्रदान की जाने वाली सरकारी सेवाओं का विवरण भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि ई-मित्र परियोजना के अन्तर्गत नागरिकों को दो तरह की सेवायें दी जाती है । जिनमें पहले प्रकार में वो सेवायें आती है जिनमें सेवा की राशि नागरिक द्वारा वहन की जाती है। इस प्रकार की सेवाओं का कमीशन ई-मित्र कियोस्कों को प्रत्येक माह वितरित कर दिया जाता है तथा माह जनवरी 2022 तक का कमीशन जारी किया जा चुका है।
इसी तरह दूसरे प्रकार में वो सेवायें आती है जो नागरिकों के लिए निःशुल्क है तथा सेवा की राशि सम्बन्धित विभाग द्वारा दी जाती है। इस प्रकार की सेवाओं में निम्न सेवाओं का कमीशन सम्बन्धित विभाग से प्राप्त कर ई-मित्र कियोस्कों को वितरित किया जा चुका है तथा अन्य सेवाओं का कोई बकाया शेष नहीं है । उन्होंने बताया कि चिरंजीवी योजना का माह सितम्बर 2021 तक कमीशन जारी किया जा चुका है तथा एसजीई डिस्ऎबिलिटी रजिस्टेशन सेवा का माह जुलाई 2021 तक कमीशन जारी किया जा चुका है। इसी तरह जन आधार एण्ड राशन मैपिंग सेवा का माह सितम्बर 2021 तक कमीशन जारी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड सिंडिग सेवा का माह अगस्त 2021 तक कमीशन जारी किया जा चुका है तथा जन आधार कार्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेवा का माह सितम्बर 2021 तक कमीशन जारी किया जा चुका है। जन आधार एनरॉलमेन्ट सेवा का माह सितम्बर 2021 तक कमीशन जारी किया जा चुका है।
डॉ. कल्ला ने बताया कि जोधपुर जिले में संचालित ई-मित्र कियोस्कों को सरकारी सेवाओं (जो नागरिकों के लिए निःशुल्क है तथा सेवा की राशि सम्बन्धित विभाग द्वारा दी जाती है) हेतु राज्य सरकार द्वारा दी गई। उन्होंने कमीशन राशि (माह अप्रैल 2021 से माह जनवरी 2022 तक) का विवरण सदन के पटल पर रखा।