जयपुर, 10 सितंबर। माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती अपर्णा अरोरा ने गुरुवार को राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 से वीडियो/ऑडियो कॉल पर परिवादियों से सीधे संवाद कायम कर माइंस व प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से संबंधित परिवेदनाओं पर कार्रवाई से संतुष्ट किया। उन्होंने परिवादियों को यह भी विश्वास दिलाया कि संबंधित इलाकों में अधिकारियों को पांबद किया जा रहा है कि वे समय समय पर औचक निगरानी करेंगे ताकि अवैध खनन या प्रदूषण की घटनाओें की पुनरावृति ना हो सके।
जोधपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत—
श्री राजेन्द्र ने इन्द्रोका में अवैध खनन से संबंधित परिवाद दर्ज कराया था जिस पर जोधपुर विकास प्राधिकरण, खान विभाग व संबधिक थाना क्षेत्र की पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई है। इसी तरह से जालौर के लेटा साकरणा सहित आसपास के गांवों में बजरी के अवैध खनन से संबंधित दर्ज षिकायत पर की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ता को संतुष्ट किया गया।
प्रदूषण नियंत्रण मण्डल —
अजमेर के गांव नवां के श्री नंदाराम से संवाद करते हुए टायर फैक्ट्री द्वारा प्रदूषण फैलाने के परिवाद पर की गई कार्रवाई से अवगत कराने के साथ ही विश्वास दिलाया कि मण्डल द्वारा औचक निरीक्षण करवाने के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए। इसी तरह से कोटपुतली बहरोड के श्री रवि दत्त यादव की क्षेत्र की फैक्ट्री द्वारा राख और डस्ट से प्रदूषण फैलाने की शिकायत पर की गई कार्रवाई से परिवादी को संतुष्ट कराया और कहा कि अधिकारियों को भविष्य में भी निगरानी रखने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
एसीएस माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा कि राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन राज्य सरकार और आमनागरिकों की समस्याओं की जानकारी व त्वरित निराकरण का बेहतर मंच हैं। उन्होंने कहा कि आमनागरिक सहजता से अपनी समस्या हेल्पलाइन के माध्यम से सरकार के सामने रखकर समाधान करा पाते हैं।
श्रीमती अपर्णा अरोरा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दोनों विभागों की प्राप्त परिवेदनाओं और उनके निराकरण प्रगति की समीक्षा की। माइंस विभाग की प्राप्त 18594 परिवेदनाओं में से 17748 परिवेदनाओं का निराकरण किया जा चुका है। इस तरह से माइंस विभाग का परिवेदना निस्तारण 95.45 प्रतिशत है। खान विभाग की 90 दिन से अधिक की केवल 3 परिवेदनाएं लंबित हैं।
प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की परिवेदनाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि हेल्पलाइन पर प्राप्त 4044 परिवेदनाओं में से 3665 परिवेदनाओं का निस्तारण किया जा चुका है। यह प्राप्त परिवेदनाओं का 90 प्रतिशत से भी अधिक हैं।
श्रीमती अपर्णा अरोरा ने माइंस विभाग व प्रदूषण मण्डल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी बारी—बारी से नियमित रुप से संपर्क हेल्पलाइन आकर परिवेदनाओं की सुनवाई व निराकरण करेंगे जिससे परिवेदनाओं के निराकरण में और अधिक तेजी आयेगी। उन्होंने संपर्क हेल्पलाइन के अधिकारियों से विस्तार से चर्चा करते हुए परिवेदनाओं की प्रकृति, क्षेत्र विशेष, अधिकारी स्तर पर निराकरण समय और निराकरण की गुणवत्ता आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारी स्तर पर कम से कम समय में निराकरण पर जोर दिया।
इस अवसर पर निदेशक माइंस श्री महावीर प्रसाद मीणा, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के श्री भुवनेश माथुर, निदेशक पब्लिक ग्रीवेंस श्री हर्ष सावनसुखा, तकनीकी निदेशक संपर्क पोर्टल श्री जीके शर्मा, अतिरिक्त निदेशक श्री सुदर्शन, खान विभाग के ओएसडी श्री अनुज सक्सेना, श्री श्रीकृष्ण शर्मा व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।