उदयपुर की सड़को के बदहाल हालत पर भ्रष्टाचार के पैच,मरम्मत को जरुरत मरम्मत की !
उदयपुर की सड़कें पिछले 4 महीनें से सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। सड़कों की खस्ताहाल हालात की शिकायत लोगों ने निगम से लेकर जयपुर और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुँचायी भी है। हालाँकि सरकारी अफसरों को सोशल मीडिया और जनता के दुःख दर्द से कोई लेना देना नहीं है। जनता चिल्लाती रही सड़को की खस्ता हालात पर और अफसरशाही मौज करती रही। कोई जवाबदेही उदयपुर नगर निगम सहित अन्य विभाग जैसे UIT आदि की जनता के प्रति दिखती ही नहीं है।
बरहाल उदयपुर नगर निगम और UIT उदयपुर की मरती सड़कों पर पैबंद लगाने का काम कर रही है और पैबंद ऐसे लगाए जा रहे मानों सड़कों के लेवल की कोई फिक्र ही नहीं हो ठेकेदार को। कही से ऊँची और कही से नीची सड़क ! भले ही आपको इन पैबन्दों पर अपनी गाड़ी उछाल कर निकालनी पड़े ,ठेकेदार और अफसरों को आपकी तबियत की फिक्र क्यों होने लगी ?
ऐसा ही एक काम फिलहाल उदयपुर मीरा गर्ल्स कॉलेज के पास हो रहा है जिसे गुजरात कंस्ट्रक्शन कंपनी नगर निगम उदयपुर के तत्वावधान में करवा रही है। जब न्यूज़एजेंसीइंडिया की टीम ने घटिया काम होते देखा तो संबधित काम करने वाले सुपरवाइज़र संकेत पटेल से बात करने पर पता चला कि न तो गुजरात कंस्ट्रक्शन कंपनी और न ही नगर निगम उदयपुर के अफसरों को सड़क पर पैच लगाने सम्बन्धी कोई जानकारी थी। उन्हें न पैच के साथ लेवल की जानकारी थी और न ही अन्य मानकों की। मर्जी आये जैसे सड़कों की मरम्मत करी जा रही थी। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी पुजारी से बात करने पर उन्होंने कहाँ कि अगर काम सही नहीं हुआ है तो इसे दिखवाते है। गौरतलब बात ये है कि ऐसे घटिया काम अफसरों को क्यों दिख नहीं पाते है ? ऐसी क्या मज़बूरी बन जाती है कि अफसर क्वालिटी के नाम पर मासूम बन जाते है !