विश्व प्रसिद्ध लेक पैलेस और जग मंदिर पीछोला झील में किस तकनीक पर आज भी पानी में कैसे है खड़े?
उदयपुर की एक खास पहचान लेक पैलेस होटल और जग मंदिर हमेशा से रहे है। न केवल उदयपुरवासी बल्कि यहाँ आने वाला पर्यटक इसकी खूबसूरती देख मंत्र मुग्ध हो जाता है। लेकिन हर किसी के ज़ेहन में ये सवाल जरूर आता है कि कैसे इन इमारतों को पानी के बीच बनाया गया होगा ? कैसे इनकी नीवों में आज तक पानी से नुकसान नहीं हुआ है ? कैसे आज भी इनकी मजबूती बरक़रार है ?
इसी क्रम में आपको बताते चले कि लेक पैलेस और जग मंदिर वास्तव में छोटे द्वीप रूपी रिक्त स्थान हैं और पिछोला झील बहुत गहरी झील नहीं है, इसलिए ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे वे पानी में तैर रहे हैं। लेकिन इन महलों की नींव झील में भूमि पार्सल (द्वीप रूपी रिक्त स्थान) पर बनाई गई है। भूमि पर नींव के होने से इसे पानी से किसी भी खतरे का सामना नहीं करना पड़ता है। वास्तव में राजस्थान के झालावाड़, महाराष्ट्र में जंजीरा और सिंधुदुर्ग और गागरोन जैसे पानी के किलों के उदाहरण हैं जो बड़े द्वीपों में खड़े पूर्ण किलें हैं।
जगनिवास का निर्माण महाराणा जगत सिंह द्वितीय (1734-1751) ने अपने पिता महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय (1710-1734) के निधन के 9 साल बाद किया था। पैलेस की नींव के निर्माण के लिए पीछोला झील के पर्याप्त रूप से सूखने का इंतजार किया गया होगा ।

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