केजरीवाल का वोटिंग डे ट्वीट,खास वर्ग की महिलाओं को पुरुषों से चर्चा कर वोट डालने की अपील !
दिल्ली में आज विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग का दिन शुरू हो चूका है,जिसे लेकर सुबह आठ बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आज दिल्ली की जनता चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे 672 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेगी। चुनावी प्रचार में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का लंबा दौर चला। एक ओर जहां आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में लगी है, वहीं बीजेपी को कुछ बड़े उलटफेर की उम्मीद होगी। इसके अलावा, कांग्रेस वापसी की आस लगा रही है। 70 विधानसभा सीटों वाली दिल्ली में वोटिंग के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। करीब 1.25 लाख सुरक्षाकर्मी वोटिंग के मद्देनजर सुरक्षा मोर्चा संभाले हुए रहेंगे। दिल्ली में आज यानी शनिवार को सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हुआ और शाम छह बजे समाप्त हो जाएगा।
केजरीवाल का ट्वीट :
"वोट डालने ज़रूर जाइये,
सभी महिलाओं से ख़ास अपील - जैसे आप घर की ज़िम्मेदारी उठाती हैं, वैसे ही मुल्क और दिल्ली की ज़िम्मेदारी भी आपके कंधों पर है। आप सभी महिलायें वोट डालने ज़रूर जायें और अपने घर के पुरुषों को भी ले जायें। पुरुषों से चर्चा ज़रूर करें कि किसे वोट देना सही रहेगा"
इसी बीच आम आदमी पार्टी से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज सुबह 7 :51 ट्वीट कर उनकी आशंकाओं को उजागर कर दिया कि शायद उन्हें अपना सिंघासन हिलता नज़र आया। उनके ट्वीट में मुल्क और महिलाओं को अपने आदमियों से चर्चा कर वोट डालने की बात कही है। स्पष्ट तौर पर इनका ये ट्वीट एक विशेष वर्ग के लिए था तभी उन्होंने चर्चा कर वोट डालने को कहा है। यहाँ ये बात समझ से परे है कि क्या दिल्ली की महिलाएँ समझदार नहीं है जो केजरीवाल पुरुषों से चर्चा कर वोट डालने को कह रहे है। क्या ये महिलाओं का अपमान नहीं? क्या कारण है कि वोटिंग वाले दिन इनके ट्वीट में देश मुल्क बन जाता है। क्या कारण है कि ट्वीट में पुरुषों से चर्चा ज़रूर कर वोट डालने को कहा जाता है।