क्वॉरेंटाइन किये गए श्रमिक ने उदयपुर के गीतांजलि इंस्टीट्यूट में करी फांसी लगाकर आत्महत्या!
कोरोना महामारी अब मानसिक रूप से भी लोगों को परेशान करती नजर आ रही है। लॉक डाउन के बाद मजदूरों के पलायन को देखते हुए राज्य सरकारों ने इन लोगों को अलग-अलग क्वॉरेंटाइन हाउस में रखा गया था ।इसी क्रम में उदयपुर जिला प्रशासन ने सूरत से आए 20 वर्षीय विष्णु पुत्र तेज सिंह गीतांजलि इंस्टीट्यूट के क्वॉरेंटाइन में भर्ती किया गया था ।जहां पर उसके साथ अन्य 182 शरणार्थी लोग भी क्वॉरेंटाइन थे।
देर रात गीतांजलि स्कूल के कमरे में फांसी लगाकर यूपी के शहादाबाद निवासी विष्णु ने आत्महत्या कर ली। मृतक लॉक डाउन के बाद सूरत से अपने साथियों के साथ घर के लिए रवाना हुआ था। उदयपुर में आने के बाद उसे स्थानीय प्रशासन द्वारा अधिकृत किए गए गीतांजलि इंस्टीट्यूट में क्वॉरेंटाइन में रखा गया था।
इससे पहले विष्णु ने अपने साथियों के साथ रात को खाना खाया था । उसके गांव के अन्य साथी भी उसके साथ क्वॉरेंटाइन थे ।खाना खाने के बाद अन्य सभी साथी सोने चले गए ,वहीं विष्णु रात को टहल रहा था। मध्य रात्रि के दौरान इंस्टिट्यूट के चौथी मंजिल पर बने कमरे में जाकर उसने चादर के माध्यम से फांसी लगा ली। सुबह जब अन्य साथियों को वह दिखाई नहीं दिया तो उसके कमरे पर जाकर साथियों को पता पड़ा विष्णु ने चादर के मार्फत कमरे में ही फांसी लगा ली है।
सूत्रों के अनुसार विष्णु के साथ कमरे में उसका साथी योगेश्वर भी था। रात 12:00 बजे तक विष्णु सामान्य बातचीत कर रहा था और उसकी बात बातों से ऐसा नहीं लग रहा था कि वह आत्महत्या कर सकता है। उसके बाद उसका साथी योगेश्वर सो गया ।सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है ।इसके साथ ही उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है और शव को उसके गांव भेजने की तैयारियों में स्थानीय प्रशासन जुट गया है।