उत्तर प्रदेश में विशेष सुरक्षा बल अधिनियम 2020 लागू, बिना वारण्ट के तलाशी और गिरफ्तार करने जैसे पावर !
राज्य में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल अधिनियम 2020 को लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस DGP को इस अधिनियम की प्रति 11 सितम्बर, 2020 को भेजते हुए, इस बल के प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अधिनियम में UPSSF के गठन/क्रियान्वयन के सम्बंध में रोडमैप 03 दिवस में उपलब्ध कराने, इस बल के संचालन हेतु पदों के प्रस्ताव 07 दिवस में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन हेतु नियमावली का प्रस्ताव 15 दिवस में उपलब्ध कराने तथा 03 माह में इस बल के प्रथम फेज लान्च करने हेतु सुझाव दिये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह बल (UPSSF) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट होगा। उत्तर प्रदेश पुलिस DGP द्वारा UPSSF के गठन पर अपनी सहमति प्रदान की गई है। यह फोर्स उत्तर प्रदेश में मा. उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों, प्रशासनिक कार्यालय एवं परिसर व तीर्थ स्थल, मेट्रो रेल, हवाई अड्डा, बैंक अन्य वित्तीय, शैक्षिक संस्थान, औद्योगिक संस्थान आदि की सुरक्षा व्यवस्था करेगी। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा हेतु वर्तमान में 9,919 कर्मी कार्यरत रहेंगे। विशेष सुरक्षा बल के रूप में प्रथम चरण में 5 बटालियन का गठन किया जाना प्रस्तावित है। इन बटालियनों के गठन हेतु कुल 1,913 नये पदों का सृजन किया जाएगा।इस प्रकार 05 बटालियन के गठन पर कुल व्यय भार ₹1747.06 करोड़ अनुमानित है जिसमें वेतन भत्ते व अन्य व्यवस्थाएं भी सम्मिलित हैं।
अभी यह प्राविधान किया गया है कि विशेष बल को विशिष्ट कार्य हेतु अधिकार के लिए अलग से नियमावली बनायी जाएगी। बल के सदस्यगण यथा विहित वेतन और अन्य पारिश्रमिक प्राप्त करेंगे जैसा कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा। प्रथम चरण में पीएसी का सहयोग लेकर कुछ इन्फ्रास्ट्रक्चर शेयर करके इसको आगे ले जाया जाएगा। इस बल के सदस्य को विशेष पॉवर नियमावली के तहत दी जाएगी। प्रथम चरण में 08 वाहिनियां और अग्रतर यथा विहित ऐसी वाहिनियां गठित की जाएंगी जैसा कि राज्य सरकार द्वारा निर्देशित किया जाएगा।
वारण्ट के बिना तलाशी लेने की शक्ति भी इस फोर्स के पास होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस अधिनियम के उपबन्धों को क्रियान्वित करने के लिए अधिसूचना द्वारा नियम बना सकती है।बल का कोई सदस्य किसी मजिस्ट्रेट के किसी आदेश के बिना तथा किसी वारण्ट के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है (इस धारा के अधीन प्रयोग की जाने वाली शक्तियों की रीति इस निमित्त विहित नियमावली द्वारा शासित होगी)
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