Breaking News

Dr Arvinder Singh Udaipur, Dr Arvinder Singh Jaipur, Dr Arvinder Singh Rajasthan, Governor Rajasthan, Arth Diagnostics, Arth Skin and Fitness, Arth Group, World Record Holder, World Record, Cosmetic Dermatologist, Clinical Cosmetology, Gold Medalist

Current News / AVVNL के उदयपुर ऑफिस ने सूचना के अधिकार में आवेदक को दी भ्रामक सूचना !

clean-udaipur AVVNL के उदयपुर ऑफिस ने सूचना के अधिकार में आवेदक को दी भ्रामक सूचना !
News Agency India June 02, 2021 10:27 AM IST

AVVNL के उदयपुर ऑफिस ने सूचना के अधिकार में आवेदक को दी भ्रामक सूचना !

अजमेर विध्युत वितरण निगम लिमिटेड के एक सहायक द्वारा एक कियोस्क धारी को बचाने के लिए सूचना के अधिकार आवेदन कर्ता को भ्रामक सूचना दे अनियमिताओं को छिपाने का भरसक प्रयास करने का मामला सामने आया है।

दरअसल कुछ समय पूर्व टाऊन हाल लिंक रोड पर नगर निगम द्वारा पार्किंग की छत पर नवनिर्मित कियोस्क बनाए गए थे, जिनमे एक कियॉस्क अनुज्ञा धारी ने नगर निगम द्वारा किन्हीं 2 अन्य अनुज्ञा धारियों को मासिक अनुज्ञा पर दिए गए कियोस्क में विधुत कनेक्शन जोड़ दिया। जिस पर विभाग को विधुत चोरी / क्रय विक्रय / दुरूपयोग की शिकायत प्राप्त हुई। इसके पश्चात मौके पर विधुत विभाग की टीम पहुँची और चालान बनाया। लेकिन जब इसकी जानकारी सहायक अभियंता को हुई तो उन्होंने आश्चर्य जनक रूप से, वसूली गई 9000 रुपये की जुर्माना राशि को कियोस्क संख्या 4 के अनुज्ञाधारी के विधुत बिल में समायोजित कर दिया ।

जब एक आवेदक ने RTI द्वारा सहायक अभियंता से सूचना माँगी :-

(1) आवेदक द्वारा कुछ कियॉस्क धारियों के विधुत कनेक्शनो, आवेदन और विभागीय दस्तावेजो से सम्बंधित सूचना माँगी तो सहायक अभियंता द्वारा जवाब दिया गया कि एक कियोस्क के अनुज्ञा धारी द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना देने से मना कर दिया गया है, अतः सूचना नही दी जा सकती और दिनाँक 25 सितंबर की कार्यवाही को जाँच बता विधुत दुरूपयोग से इनकार कर दिया

(2) आवेदक ने सूचना माँगी की कार्यवाही विभाग के किन कार्मिकों एवम अधिकारियों द्वारा संपादित की गई नाम व पदनाम की सूचना दी जाए तो सहायक अभियंता ने धारा 8 1 g और धारा 8 1 j के आधार पर देने से मना कर दिया, जबकि राजस्थान सरकार प्रशासनिक सुधार ग्रुप -1 के परिपत्र क्रमांक पं. 10(1) प्र. सु./ सम/ अनु -1/ 2012 दिनाँक 14 /12/2020 के अनुसार सरकारी अधिकारी / कार्मिक को अपने हस्ताक्षर के नीचे अपना पूरा नाम, पदनाम, दिनाँक आवश्यक रूप से अंकित करना आवश्यक होता है, जिसकी भी अवहेलना की गई। संभवतया भविष्य में आवेदक द्वारा की जाने वाली कार्यवाही में पहचान छिपाने का उद्देश्य रहा।

(3) आवेदक ने सूचना के एक अन्य बिंदु में 9000 रुपये की राशि किन कारणों से विधुत बिल में समायोजित किये जाने संबंधित सूचना चाही तब भी सहायक अभियंता ने कियोस्क के अनुज्ञा धारी द्वारा सूचना दिए जाने से मना करने का कारण बताकर नही दी। जिसके बाद आवेदक ने प्रथम अपील की । तत्पश्चात विभाग ने जो सूचना दी उसमें यह बताया गया कि उपभोक्ता ने स्वयं के स्तर पर 9000 की राशि जमा कराई। उन्होंने 25 सितंबर 20 की कार्यवाही के संबंध में बताया की कनिष्ठ अभियंता ने मौके पर एक कनेक्शन से 3 कियोस्क में विधुत उपभोग / आपूर्ति का होना पाया, जिसके कारण विधुत दुरुपयोग का प्रकरण दर्ज हुआ। लेकिन उपभोक्ता के दिए जवाब को सत्य मानकर इस कार्यवाही को विधुत दुरूपयोग नहीं माना।

(4) आवेदक ने सूचना माँगी की किन दस्तावेजों और नियमों के आधार पर अन्य अनुज्ञाधारियो को विधुत कनेक्शन कियॉस्क के मीटर से दिया जा रहा है ? तो सहायक अभियंता ने कियोस्क के अनुज्ञा धारी को सूचना उपलब्ध कराने के लिये पत्र लिख डाला।

स्पष्ट है कि जो रेकॉर्ड सरकारी कार्यालय में होना चाहिए वह किसी निजी व्यक्ति को उपलब्ध करवाने के लिये कहा गया जो कि विभाग का लोक सूचना अधिकारी नही है।

जब आवेदक को महसूस हुआ कि सहायक अभियंता एक निजी व्यक्ति को बचाने व लाभ पहुँचाने वाला कार्य कर रहे है तो आवेदक ने एक अन्य आवेदन द्वारा जो सूचना माँगी उसमें सहायक अभियंता की और से अधिक्षण अभियंता ने बचाव की मुद्रा में भ्रामक जवाब दिए।

(1) आवेदक द्वारा आवेदन में सहायक अभियंता को मासिक वेतन देने वाले , निजी व्यक्ति, संस्था के नाम पते की सूचना ,नियम विपरीत तरीको से RTI आवेदनों में सूचना प्रकटन से रोकने हेतु सरकारी विभाग, निजी व्यक्ति, संस्थान की और से प्रदत्त व प्रशंशा पत्रों की सूचना माँगे जाने पर व्यक्तिगत और गोपनीयता का हवाला दे सूचना देने से मना कर दिया ।

(2) आवेदन में सहायक अभियंता द्वारा उनके सेवाकाल में विधुत चोरी, दुरुपयोग, नियम विरुद्ध तरीके से उपयोग के मामलों में एक बार सत्यापित अपराधों को दोषी व्यक्ति के हित मे दुबारा जाँच कर कितने मामलों में दोष मुक्त किया गया एवं इस संबंध में उच्चाधिकारियों के अधिकार, शक्तियों व नियमो की सूचना माँगे जाने पर विभाग ने जवाब दिया कि इस प्रकार की सूचना संधारित नहीं की जाती है और सूचना के सार्वजनिक हित की नहीं होकर व्यक्तिगत व गोपनीय बताते हुए प्रकटीकरण से छूट बताया। जबकि नियम गोपनीय नही होते और धारा 4 के तहत स्वप्रेरणा से सूचना प्रकटन आवश्यक है और यह सूचना अति आवश्यक होकर जनहित की थीं क्योंकि इसके द्वारा यह स्पष्ट होता कि दुबारा जाँच से विभाग को नुकसान पहुँचाया गया या फिर निजी व्यक्ति को लाभ पहुँचाया गया और इन सभी मामलों का सारणीकरण किया जाना आवश्यक है तथा धारा 8 के अनुसार जो सूचना विधानसभा या संसद को दिया जाना अपेक्षित हो उसे देने से मना नही किया जा सकता।

(3) आवेदक ने एक विधुत कनेक्शन से 2 स्वतंत्र किराये के परिसरों में बिजली उपभोग करने से संबंधित नियमों की सूचना माँगी तो विभाग ने ऐसा करना सही है या गलत , नियमों का हवाला नही दिया। विभाग द्वारा 3 अलग अलग मालिकों के परिसरों में एक विधुत कनेक्शन को विधुत दुरूपयोग नहीं माना और ये बताया कि एक ही व्यक्ति द्वारा अन्य व्यक्ति के कियॉस्क उपयोग में लिये जा रहे है अतः इसे विधुत चोरी/दुरुपयोग नही माना।

यदि इस प्रकरण को आधार माना जाए तो एक कॉलोनी ,रिहायशी कॉम्प्लेक्स एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में भी एक व्यक्ति के विधुत कनेक्शन द्वारा अन्य सभी लोग कनेक्शन धारी के पक्ष में पावर पेश कर विधुत उपभोग कर सकते है और निगम द्वारा इसे दुरपयोग नहीं मानकर और इसके नियम उपलब्ध करवा दिए जाने पर सम्पूर्ण राजस्थान की जनता को लाभ मिलेगा।

सूचना के अधिकार का मूल उद्देश्य राजकीय कार्यो में पारदर्शिता लाकर अनियमितताओं को उजागर करना है लेकिन AVVNL विभाग के सहायक अभियंता और अधिक्षण अभियंता द्वारा सूचना को व्यक्तिगत , गोपनीय व संधारित नही होने के हवाला दे आवेदक को सूचना से वंचित करने का पूर्ण प्रयास किया गया जिसके पश्चात आवेदक ने अपना विस्तृत जवाब भी प्रस्तुत कर दिया है।

विभाग द्वारा यदि धारा 7 धारा 8, धारा 19-5 और धारा 4 का पूर्ण अवलोकन किया जाए तो सूचना के प्रकटन में कोई बाधा नही आएगी और सूचना प्रकटन से दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही होने से AVVNL को भी राजकोषीय लाभ प्राप्त होगा।

पत्रकार : जयवंत भैरविया

 

Disclaimer :​ All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wincompete&hl=en

  • fb-share
  • twitter-share
  • whatsapp-share
clean-udaipur

Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk
#

RELATED NEWS