नगर निगम उदयपुर को याद आयी डिवाइडर की ,शुरू किया रंग रोगन !
उदयपुर नगर निगम को अपने खस्ताहाल डिवाइडरों का ख्याल बड़े दिन बाद याद आ गया है। इससे पहले चुनाव के दौरान न्यूज़ एजेंसी इंडिया ने साक्षात्कार के दौरान वर्तमान उपमहापौर पारस सिंघवी ने डिवाइडरों के निर्माण में कमियाँ स्वीकार कर इसे भविष्य में दुरुस्त करने की बात कही थी। उन्होंने ये भी माना था कि निगम के कार्यो की गुणवत्ता कम इसलिए रहती है क्योंकि ठेकेदार टेंडर राशि से 40 प्रतिशत कम में काम लेकर निगम के काम कर रहे ,ऐसे में गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह लग्न लाज़मी है और इस तरह के काम अब ध्यान पूर्वक किये जाएँगे।
बरहाल नगर निगम ने रेलवे स्टेशन से सूरजपोल तक के डिवाइडरों पर रंग रोगन का काम शुरू किया है लेकिन ये रंग रोगन भी मानकों पर नहीं किया जा रहा है। डिवाइडरों को सिर्फ झाड़ू से साफ़ कर इन पर सीधे पैंट किया जा रहा है। पैंट के नीचे कोई प्राइमर की कोटिंग नहीं की जा रही है। पहले से उदयपुर नगर निगम की सड़कों के डिवाइडर अमानक बने हुए है और इन पर हर सड़क पर अलग अलग रंग देखे जाते है और डिवाइडरों को निगम के ठेकेदार पुरानी सीमेंट की ईंटो से बनाते है जिसमे कोई समरसता नहीं दिखती है।
वैसे पहले खस्ताहाल और टूटे हुए डिवाइडरों को पहले निगम को दुरुस्त करना चाहिये था और बाद में इस पर रंग रोगन लेकिन इस तरह अमानक तौर पर रंग रोगन ज्यादा दिन तक टिकने वाला नहीं है।
एक ओर बात ये कि इस बार निगम के कर्मचारी खुद पेंट कर रहे है और इनकी गति इतनी धीमी है कि दो दिन में चार आदमी मिल कर बमुश्किल 100 मीटर भी डिवाइडरों पर रंग रोगन नहीं कर पाए है। धन्य है नगर निगम के कर्मचारी और इनकी कार्य प्रणाली !