उदयपुर नगर निगम की बैठक में भाजपा की तानाशाही, राष्ट्रगान गाकर बैठक को किया तुरंत खत्म !
सोमवार को नवनिर्वाचित नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक आधा घंटे में ही समाप्त कर भाजपा के रणनीतिकारों ने अपना खेल सबके सामने ला दिया। विपक्षी पार्षदों की समस्याएँ दरकिनार कर भाजपा बोर्ड ने शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया की मौजूदगी में समिति अध्यक्षों के नामों के प्रस्ताव का अनुमोदन किया और बैठक को खत्म कर बहस के दौरान ही राष्ट्रगान गा दिया गया,इस तरह अन्य लोगों को सूचित किये बगैर हंगामे के दौरान राष्ट्रगान शुरू कर भाजपा बोर्ड ने राष्ट्रगान का अपमान किया है ।
कांग्रेस के पार्षद शहर की समस्याओं पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनीं।इस पर कांग्रेस के पार्षदों ने महापौर कक्ष के बाहर जाकर जमकर नारेबाजी की और वहां महापौर कार्यालय में मौजूद कटारिया के खिलाफ नारे भी लगाए गए। इसके बाद कटारिया के सामने कांग्रेस के पार्षदों ने तीखे शब्दों में नाराजगी जाहिर कहा कि उन्हें जनता ने चुनकर निगम में भेजा है और लोगों की समस्याएं बहुत ज्यादा हैं,जिस पर आपको चर्चा करनी चाहिए थी।
कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि जान बुझ कर उनके वार्डों में काम नहीं करवाए जा रहे है। उनके वार्डों में अतिक्रमण कार्यवाही कर जनता को परेशान किया जा रहा है। साथ ही इनके वार्डों में सफाई व्यवस्था भी सुचारु रूप से सही ढंग से नहीं की जा रही है। नगर निगम के अधिकारी जान बुझ कर कांग्रेसी पार्षदों के फ़ोन नहीं उठा रहे है। वही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री अरुण टाँक ने कहाँ कि भाजपा वालो को पता था कि हम पिछले भाजपा बोर्ड में किये गये गड़बड़झालों का नकाब उतार कर जनता के सामने लाने वाले है और इसी डर से आनन फानन में बोर्ड मीटिंग को खत्म कर दिया गया। भाजपा बोर्ड निगम में तानाशाही दिखा रहा है जिसे कांग्रेस कतई स्वीकार नहीं करेगी।