उदयपुर बन सकता है भारत में कोरोना वायरस फैलने का कारण, पीड़ित रोगी उदयपुर से भागे !
कोरोना वायरस भारत में पहुंचने के बावजूद अधिकारियों ने राजस्थान के उदयपुर शहर में लापरवाही बरती है ।कोरोना वायरस की भयावहता के बावजूद हाई अलर्ट वाले दो संदिग्ध यात्रियों को उदयपुर महाराणा भूपाल हॉस्पिटल से खिसकने दिया गया।
मतलब साफ था कि अस्पताल प्रशाषन सहित उदयपुर के अधिकारियों को रोग और वायरस के आक्रमक फैलाव और मौतों का अंदेशा नही था वरना इस तरीके के मरीजों को पुलिस निगरानी में रखा जाता है ताकि रोग और वायरस बाहर न आ सके।
इस घटना के सामने आने के बाद एसीएस हेल्थ रोहित के. सिंह ने उदयपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और अस्पताल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
हाल ही में चीन से एक ही फ्लाइट में दो यात्री आए थे जिसमें केरल की एक छात्रा भी सवार थी। वुहान में एक विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली लड़की का परीक्षण पॉजिटिव रहा था। दोनों यात्रियों को उदयपुर अस्पताल में निगरानी में लिया गया। हालांकि वे यहाँ से भागकर जयपुर पहुँच गए । जब स्थानीय प्रशासन को पता चला कि दोनों जयपुर में हैं, तो इसने उन्हें तुरंत निगरानी में ले लिया और उन्हें एसएमएस अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया।
इसका मतलब यह हुआ कि उक्त वायरस से ग्रसित महिला उदयपुर में जहाँ जहाँ गयी और जिन लोगों से मिली उन लोगो को संक्रमित होने का अंदेशा है। जिस वाहन से वो जयपुर गयी उसके यात्रियों को भी संक्रमण हो सकता है।
अब राजस्थान सरकार और भारत सरकार के लिए ये सबसे बड़ा प्रश्न है जिसमे इन्हें देखना है कि कोरोना वायरस को ये भारत भर में फैलने से कैसे रोकते है ? इस तरह की गलतियां कभी कभी महामारी बन जाती है।