वीडियो: दिनदहाड़े करते थे चोरी, उदयपुर पुलिस ने धर दबोचा अंतरराज्यीय गैंग को !
उदयपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय नकदजनी की गैंग का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना सहित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 350 से ज्यादा नकबजनी की वारदातों का खुलासा करते हुए करीब आधा किलो सोने के साथ ढाई किलो चांदी के जेवरात और 48000 रूपये नकद एवं विदेशी करेंसी बरामद करी है।
उदयपुर की हिरणमगरी थाना सेक्टर 6 पुलिस को सेक्टर 4 सेवासदन इलाके से चोरी की 4 एक साथ वारदातों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इससे पहले 21 जुलाई को की तरह की चोरी और नकबजनी की घटना की रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त हुई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक कैलाश विश्नोई ने योजना बनाकर एक टीम का गठन किया जिसमें गोपाल स्वरूप
मेवाड़ा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उदयपुर और श्रीमान राजीव जोशी वृताधिकारी पूर्व नगर के निर्देशन में डॉक्टर हनवंत सिंह राजपुरोहित थाना अधिकारी पुलिस थाना हिरणमगरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम जिसमें विक्रम सिंह हेड कांस्टेबल रंजीत सिंह हेड कांस्टेबल बंसती लाल हेड कांस्टेबल करण सिंह हेड कांस्टेबल लाल सिंह हेड कांस्टेबल उपेंद्र सिंह कांस्टेबल मांगू सिंह कांस्टेबल कुलदीप सिंह कॉन्स्टेबल गुलजार कांस्टेबल चालक ,फ़िरोज़ खान शामिल थे।
टीम ने अपना जाल फैलाना शुरू किया और मुखबीरों को काम पर लगा दिया।उक्त कार्रवाई का खुलासा करने में हेड कांस्टेबल विक्रम सिंह और कॉन्स्टेबल उपेंद्र सिंह जो कि हिरणमगरी थाना उदयपुर के पुलिस कर्मचारी हैं, उनकी महती भूमिका रही है। इन्होंने सामान्य वाहन दुर्घटना का बहाना होने का हवाला देकर चारों अभियुक्तों को उलझाये रखा जबकि अभियुक्तों के पास में हथियार भी उपलब्ध थे। उलझा रखने के कुछ देर बाद जब थाने से सहायता उपलब्ध हो गई तब अपराधियों को पकड़ कर तुरंत हिरणमगरी पुलिस थाने लाया गया।
गैंग का मुख्य सरगना गैंग लीडर सहजाद अख्तर उर्फ राजा मुसलमान 52 साल का है। वहीं अन्य गैंग के सदस्य का नाम जुबेर खान मुसलमान और अजगर अली मुसलमान तथा सरफराज रजा मुसलमान है। अपराधियों का चोरी करने का तरीका बिल्कुल ही अलग था। गैंग के सदस्य दिन में ही घूम कर टारगेट ढूँढा करते थे और ज्यादातर अपार्टमेंट और कॉलोनीज के दूसरी मंज़िल या इससे ऊपर वाली मंज़िल पर एक खास तरीके के औज़ार नकब (जो की भारी लोहे से बना है )को इस्तेमाल किया करते थे। एक गैंग का 52 साल का सदस्य अपने आप को बीमार व्यक्ति बताया करता था और 80 प्रतिशत से ज्यादा हार्ट ब्लॉकेज जैसे बहानो का इस्तेमाल भी किया करता था। साथ ही यह लोग अपना फ़र्ज़ी मेडिकल कागज भी साथ रखा करते थे ताकि पकड़े जाने पर बहाना बनाया जा सके कि वे तो डॉक्टर को ढूंढ़ते हुए आये है। गैंग के सदस्य दिन में ही अपराध को अंजाम दिया करते थे। गैंग अमूमन शहर की छोटी होटलों में रुका करती थी ताकि लोगों को शक ना हो और दिन में तीन से चार अपराध कर तुरंत ही शहर छोड़ कर रवाना हो जाया करती थी। गैंग की अपनी एक हौंडा सिटी कार भी थी जिसमें फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई मिली है। साथ ही 2 फर्जी नंबर प्लेट हरियाणा नंबरों की प्राप्त हुई है। गैंग के उदयपुर सहित समूचे उत्तर भारत में कई चोरी की वारदातों का खुलासा उदयपुर पुलिस ने किया है।