उदयपुर के रुपसागर तालाब को तोड़ पानी निकालने की साजिश में प्रशाशन साथ !
उदयपुर शहर के रुपसागर तालाब के पानी को खाली करने और तालाब की मोखी के साथ छेड़छाड़ कर पानी निकालने की साजिश के चलते देर रात स्थानीय लोग तालाब पर एकत्र हो गए। लोगों ने अपने स्तर पर तालाब की मोखी को भराव डाल बंद किया।रूपसागर पर मॉर्निंग वाक पर गुमने आने वाले और ग्रामीणों को बुधवार सुबह ही तालाब की मोखी के छेड़छाड़ के बारे में पता चला। पानी खाली होता देख आनन फानन ग्रामीण और स्थानीय महिलाये इकटठी हो गयी और कहा कि पहले तो प्रशासन ने तालाब की परवाह न करते हुए पेटे भूमि में मकान बनने दिए और अब इसी गलती कारण तालाब के पेटे में आने वाले मकानों में पानी से होने वाले नुकसान को बचाने के लिए तालाब के पानी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
वही प्रशासन ने पुलिस की देखरेख में रूपसागर तालाब की मोखी जबरन खुलवा दी और पानी व्यर्थ बहने दिया। राष्ट्रीय झील संरक्षण नीति के बारे स्थानीय प्रशाशन को कोई जानकारी नहीं है और इस तरह अतिक्रमणकारियों को सहयोग करने के लिए तालाब/झील की मोखी को तोडना अपराध की श्रेणी में आता है।
बरहाल स्थानीय रूपसागर तालाब विकास समिति इस बारे अपनी आवाज़ आगे ले जाने की बात कह तालाब के पानी को बचाने और तालाब को विकसित करने के लिए संकल्प की बात कही है।